हाल की गिरावट के बाद कोटक सिक्योरिटीज के श्रीकांत चौहान का कहना है कि लगभग हर किसी का ये मानना है कि वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही में आईटी सेक्टर का प्रदर्शन कमजोर रहेगा। ऐसे में वो पहले से ही आईटी के नतीजों को डिस्काउंट करके चल रहे हैं। श्रीकांत चौहान का कहना है कि आगे आईटी सेक्टर हमें एक बार फिर से सितंबर का निचला स्तर छूता दिख सकता है। लेकिन इससे ज्यादा गिरावट नहीं होगी। उन्होंने मनीकंट्रोल के साथ हुई अपनी बातचीत में आगे कहा कि जनवरी से वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में और गिरावट आती दिखेगी। अगले वित्त वर्ष की पहली छमाही में बाजार को तमाम अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ेगा। वहीं दूसरी छमाही में इलेक्शन का फीवर इंडेक्स पर अपना असर दिखाएगा।
कोटक सिक्योरिटीज में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसीडेंट के तौर पर काम कर रहे श्रीकांत चौहान का कहना है कि ट्रेडरों को आने वाले साल में कुछ ज्यादा ही सतर्क रहने की जरूरत होगी। अगले साल बाजार एक बड़े ट्रेडिंग रेंज में भारी उतार-चढ़ाव करता नजर आ सकता है। उन्होंने इस बातचीत में आगे कहा कि वित्त वर्ष 2023 की तीसरी तिमाही और यूनियन बजट के ऐलान के पहले बाजार एक बड़े दायरे में घूमता नजर आ सकता है। निफ्टी को 19000 का स्तर पार करने के लिए कुछ बड़ी पॉजिटिव खबरों के खुराक की जरूरत है। जिसकी संभावना कम नजर आ रही है।
बैंक निफ्टी में जल्द 45000 का स्तर मुमकिन
उन्होंने आगे कहा कि अगर ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर के नीचे फिसलता है और डॉलर इंडेक्स 103 के नीचे आ जाता है। तो इससे उभरते बाजारों को सपोर्ट मिलेगा। बैंक निफ्टी पर अपनी राय देते हुए चौहान ने कहा है इस फाइनेंशियल और कैलेंडर दोनों इयर में फाइनेंशियल शेयर FII के सबसे पंसदीदा शेयर रहे हैं। FII के कुल पैसे का करीब 45 फीसदी हिस्सा फाइनेंशियल सेक्टर में गया है। इसके आधार पर हम कह सकते हैं कि अगर इस महीने के अंत तक बाजार में कोई रैली आती है तो बैंक निफ्टी 45000 का स्तर छूता नजर आ सकता है। अगर ऐसा नहीं होता है तो यह 44000 और 42000 के दायरे में ट्रेड करता दिखेगा।
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