Sundaram Mutual के सुनील सुब्रमण्यम को मेटल सेक्टर में नजर आ रहा है जोखिम, जानिये वजह

एफआईआई की तरफ से उदासीन रवैया पर सुनील ने कहा कि FIIs की नजर देश के बजट पर लगी हुई है। विदेशी निवेशक बजट पेश होने का इंतजार कर रहे हैं। एक बार बजट पर पेश हो जायेगा तो विदेशी निवेशक निवेश के बारे में अपनी रणनीति तय कर सकेंगे। इसके अलावा कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री पर बाजार की नजर है

अपडेटेड Jan 10, 2023 पर 6:08 PM
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सुनील सुब्रमण्यम ने कहा कि पोर्टफोलियो का 20% FD में रख सकते हैं लेकिन 3 साल से ज्यादा के नजरिये से इक्विटी में ज्यादा रिटर्न मिलेगा

कल बाजार में दिखी सारी बढ़त आज गायब हो गई। सेंसेक्स, निफ्टी 1% से ज्यादा की गिरावट पर बंद हुए। इसके साथ ही आज बैंकिंग शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। बैंकिंग इंडेक्स करीब 1.5% फिसला। बीएसई का सेंसेक्स 632 अंक और एनएसई का निफ्टी 187 अंक गिर कर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 35 शेयरों में गिरावट नजर आई। जबकि सेंसेक्स के 30 में से 21 शेयरों में दबाव देखने को मिला। वहीं दूसरी तरफ निफ्टी बैंक के 12 में से 11 शेयरों में गिरावट देखने को मिली। नये साल के दूसरे हफ्ते के पहल दो दिनों में बाजार ने काफी उठापटक देखने को मिली। साल 2023 में बाजार आउटलुक पर Sundaram Mutual के MD और CEO सुनील सुब्रमण्यम ने सीएनबीसी-आवाज़ से बातचीत की। पेश है उनसे बातचीत के संपादित अंश-

नया साल और चौथी तिमाही में क्या बाजार पर दबाव रहेगा। इस सवाल के जवाब में सुनील सुब्रमण्यम ने कहा कि फेड के ऐलान के कारण तेल का भाव 125 से 80 डॉलर तक गिर गया। जो भारत के लिए पॉजिटिव रहा। चीन में कोविड की वापसी भी भारत के लिए पॉजिटिव रही। चीन के ताइवान और अमेरिका से विवाद के चलते भी चीन का मार्केट गिर गया था। लेकिन 13 नवंबर के बाद चीन के ओपनिंग की बात होने लगी। इसलिए मेटल का बाजार तेज होगा। चीन एक बड़ा बाजार है लिहाजा एफआईआई का पैसा कुछ मात्रा में यहां से निकलकर वहां जा सकता है।

इसके अलावा दिसंबर में हर साल हॉट मनी यानी कि हेज फंड मुनाफावसूली करते हैं। इसकी वजह से भी भारतीय बाजारों से पैसा निकलता हुआ दिखाई देगा। फेड आंकड़ों, चीन की वापस से ओपनिंग और फंड्स द्वारा मुनाफा वसूली के चलते बाजार चौथी तिमाही में थोड़ा दबाव में नजर आ सकता है।


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सुनील ने आगे कहा कि भारतीय बाजार में चुनौतियां बनी हुई हैं। जबकि चीन में रीओपनिंग से मेटल शेयरों में तेजी देखने को मिल सकती है। लेकिन चीन की रीओपनिंग से चीन की ओर कुछ निवेश जा रहा है। इसके अलावा अमेरिका से आर्थिक आंकड़े भ्रम में डालने वाले हैं।

इस समय एफआईआई की तरफ से उदासीन रवैया अपनाया जा रहा है। इस पर सुनील ने कहा कि FIIs की नजर देश के बजट पर भी है। विदेशी निवेशक बजट का इंतजार कर रहे हैं। एक बार बजट पर पेश हो जायेगा तो वे निवेश के बारे में अपनी रणनीति बना सकेंगे। इसके अलावा कंपनियों की मैनेजमेंट कमेंट्री पर बाजार की नजर बनी हुई है।

एफडी और इक्विटी पर आपकी निवेश सलाह क्या है। इस पर सुनील सुब्रमण्यम ने कहा कि पोर्टफोलियो का 20% FD में रख सकते हैं। हालांकि 3 साल से ज्यादा के नजरिये से इक्विटी में ज्यादा रिटर्न मिलता है। इस समय हमारी सलाह ये है कि IT में धीरे-धीरे निवेश किया जा सकता है। इस समय चीन में रीओपनिंग से मेटल शेयरों में तेजी दिख रही है। लेकिन मेटल सेक्टर काफी जोखिम भरा है लिहाजा इसमें ज्यादा निवेश नहीं करने की सलाह होगी।

(डिस्क्लेमरः  Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें। )

 

 

 

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