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Smallcap-Midcap Crash: स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट, 2024 के पीक से 20% टूटे इंडेक्स

Smallcap-Midcap Crash: भारतीय शेयर बाजार के मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में तेज गिरावट देखने को मिली है। सितंबर 2024 के उच्च स्तर से ये इंडेक्स डॉलर के हिसाब से 20 प्रतिशत से अधिक टूट चुके हैं, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। आंकड़ों के अनुसार बीएसई मिडकैप 150 इंडेक्स अपने शिखर से करीब 22 प्रतिशत गिर चुका है, जबकि बीएसई स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में लगभग 30.4 प्रतिशत की गिरावट आई है

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Mar 17, 2026 पर 1:36 PM
Smallcap-Midcap Crash: स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट, 2024 के पीक से 20% टूटे इंडेक्स
Smallcap-Midcap Crash: मिडकैप इंडेक्स करीब 14 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 22 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं

Smallcap-Midcap Crash: भारतीय शेयर बाजार के मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में तेज गिरावट देखने को मिली है। सितंबर 2024 के उच्च स्तर से ये इंडेक्स डॉलर के हिसाब से 20 प्रतिशत से अधिक टूट चुके हैं, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। आंकड़ों के अनुसार बीएसई मिडकैप 150 इंडेक्स अपने शिखर से करीब 22 प्रतिशत गिर चुका है, जबकि बीएसई स्मॉलकैप 250 इंडेक्स में लगभग 30.4 प्रतिशत की गिरावट आई है। रुपये के आधार पर भी गिरावट कम नहीं है। मिडकैप इंडेक्स करीब 14 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 22 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं।

गिरावट के पीछे कई कारण

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक इस गिरावट के पीछे ग्लोबल और घरेलू दोनों तरह के कारण जिम्मेदार हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, मजबूत डॉलर, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और महंगाई की आशंका ने बाजार पर दबाव बनाया है।

वेल्थ को (Wealth Co) के मार्केट स्ट्रेटेजी हेड अक्षय चिंचालकर के मुताबिक, हालिया गिरावट इन सभी पहलुओं का मिलाजुला असर है। उनका कहना है कि अगर कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर मजबूत बने रहते हैं तो बाजार में और गिरावट की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

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