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यूनिफी कैपिटल के गोविंदसामी ने दिया मोटी कमाई का मंत्र, कहा-नए मल्टीबैगर स्टॉक्स उन सेक्टर्स से आएंगे जो अभी नजरों से दूर हैं

यूनिफी कैपिटल के फाउंडर मारन गोविंदसामी ने बताया कि नए मल्टीबैगर स्टॉक्स उन सेक्टर्स से निकलने वाले हैं, जिनकी मार्केट में अभी दबदबा नहीं है। 1991 में सेंसेक्स में शामिल 50 फीसदी शेयर स्टील, सीमेंट, पावर और टेक्सटाइल्स कंपनियों से जुड़े थे। तब सेंसेक्स में एक भी आईटी या बैंक स्टॉक नहीं था

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Oct 17, 2025 पर 3:10 PM
यूनिफी कैपिटल के गोविंदसामी ने दिया मोटी कमाई का मंत्र, कहा-नए मल्टीबैगर स्टॉक्स उन सेक्टर्स से आएंगे जो अभी नजरों से दूर हैं
मारन गोविंदसामी ने कहा कि इनवेस्टर्स को उन सेक्टर्स के पीछे नहीं भागना चाहिए, जिनकी पहले रीरेटिंग हो चुकी है।

नए मल्टीबैगर स्टॉक्स उन सेक्टर्स से निकलने वाले हैं, जिनकी मार्केट में अभी दबदबा नहीं है। यह बात यूनिफी कैपिटल के फाउंडर मारन गोविंदसामी ने कही है। उन्होंने इस लिस्ट में टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, एंटरटेनमेंट और होम इम्प्रूवमेंट को रखा है। उनका मानना है कि ये इकोनॉमी के बड़े सेगमेंट हैं। लेकिन, अभी स्टॉक मार्केट्स में उनका प्रतिनिधित्व कम है। 'द वेल्थ फॉर्मूला' के खास दिवाली एडिशन में उन्होंने स्टॉक मार्केट्स और इनवेस्टमेंट से जुड़ी कई बड़ी बातें बताईं।

1991 में सेंसेक्स में सिर्फ स्टील, सीमेंट, पावर कंपनियों के स्टॉक्स थे

उन्होंने कहा, "अभी इंडस्ट्रीज काफी बिखरी हुई है, जिससे कंसॉलिडेशन से वैल्यू क्रिएशन का रास्ता बनेगा।" उन्होंने कहा कि इंडिया स्टॉक मार्केट्स के सूचकाकों में हमेशा बदलती स्थितियों के हिसाब से बदलाव देखने को मिला है। उन्होंने कहा, "1991 में सेंसेक्स में शामिल 50 फीसदी शेयर स्टील, सीमेंट, पावर और टेक्सटाइल्स कंपनियों से जुड़े थे। तब सेंसेक्स में एक भी आईटी या बैंक स्टॉक नहीं था। 2001 में सेंसेक्स के 50 फीसदी स्टॉक्स आईटी और फार्मा से जुड़े थे। 2021 में इसमें सिर्फ फाइनेंशियल शेयरों की हिस्सेदारी 40 फीसदी थी।"

हर 10 साल में सेंसेक्स में शामिल स्टॉक्स बदल जाते हैं

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