मार्केट में जारी गिरावट को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। करेक्शन के बीच भी मल्टीबैगर्स की पहचान के मौके होते हैं। इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स ने एक प्रोग्राम में यह राय व्यक्त की। पीएमएस एआईएफ वर्ल्ड का यह प्रोग्राम 15 फरवरी को आयोजित हुआ। इसमें सेजवन इनवेस्टमेंट मैनेजर्स के फाउंडिंग पार्टनर और सीआईओ समित वर्तक ने कहा कि हर ढाई से 4 साल पर पीक पर पहुंच जाता है। यह बुल मार्केट का संकेत होता है। उसके बाद मार्केट में रिस्क बढ़ जाता है। उसके बाद मार्केट में गिरावट आती है।
