इक्विटी वैल्यू के हिसाब से देखें तो फिलहाल में भारत के टॉप म्यूचुअल फंड्स की कैश हल्डिंग 5.4 फीसदी है। यह पिछले 5 साल के 3.5 फीसदी के औसत से ज्यादा है। हालांकि यह PMS-AIF (Portfolio Management Services- Alternative Investment Fund) के एग्रेसिव कैश कॉल की तुलना में ये बहुत कम है। गौरतलब है कि कई बार तो PMS-AIF की कैश होल्डिंग कुल फंड के 50 फीसदी से ज्यादा तक होती है। मनीकंट्रोल के म्यूचुअल फंड समिट में ICICI Prudential AMC के एस नरेन ने कहा कि अधिकांश निवेशकों का मानना है कि अगर मार्च 2020 जैसी कोई घटना होती भी है तो उसके तुरंत बाद हमें अप्रैल 2020 भी देखने को मिलेगा।
