एचडीएफसी म्यूचुअल फंड (HDFC Mutual Fund) ने अपने रियल्टी इंडेक्स फंड (Realty Index fund) में नए सब्सक्रिप्शन लेना बंद कर दिए हैं। साथ ही सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश की भी एक सीमा तय कर दी है। हैरानी की बात यह कि कंपनी को अपने रियल्टी इंडेक्स फंड को लॉन्च करने के बस कुछ दिनों ही भीतर यह फैसला करना पड़ा है। HDFC निफ्टी रियल्टी इंडेक्स फंड के लिए न्यू फंड ऑफर (NFO) 7 मार्च को खुला था और 21 मार्च को बंद हुआ था। यह स्कीम पूरी तरह से घरेलू रियल्टी सेक्टर पर आधारित है। यह फंड 2 अप्रैल से सब्सक्रिप्शन लेने और रिडेम्पशन के लिए फिर से खुल गया।
हालांकि फंड हाउस ने 1 अप्रैल को जारी एक नोटिस में कहा कि वह 8 अप्रैल से HDFC निफ्टी रियल्टी इंडेक्स फंड में अतिरिक्त खरीदारी और स्विच-इन सहित नए लंपसंप निवेश बंद हो जाएंगे। कंपनी ने इस नोटिस के पीछे के वजहों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी।
फंड हाउस ने नोटिस में यह भी कहा कि SIP जैसे नए सिस्टमैटिक ट्रांजैक्शन के रजिस्ट्रेशन भी सिर्फ मंथली निवेश के आधार पर स्वीकार किए जाएंगे और यह भी प्रति निवेशक 1 लाख रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए। इसमें SIP टॉपअप और सिस्टमेटिक ट्रांसफर प्लान (एसटीपी) भी शामिल हैं। इस बीच, फंड हाउस ने नोटिस में यह साफ किया कि स्कीम से रिडेम्पशन, स्विच-आउट, न्यू सिस्टमैटिक विदड्राअल प्लान (SWAP) के रजिस्ट्रेशन और STP-आउट पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
HDFC MF का यह कदम ऐसे समय में उठाया है, जब रियल्टी सेक्टर में तूफानी तेजी देखी जा रही है। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स ने पिछले साल 140 फीसदी का धमाकेदार रिटर्न दिया था और इसने परफॉर्मेंस के मामले में सभी सेक्टोरल इंडेक्स को पीछे छोड़ दिया था।
पिछले एक साल में आई इस रैली के चलते निफ्टी रियल्टी इंडेक्स का प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E), 28 मार्च को 59.04 के स्तर पर पहुंच गया। जबकि इसके मुकाबले निफ्टी-50 इंडेक्स इस समय 23 के पीई रेशियो पर कारोबार कर रहा है।
इंडस्ट्री के सूत्रों के मानें तो, रियल्टी शेयरों में हालिया तेजी और वैल्यूएशन के काफी ऊंचा होने के चलते HDFC MF ने अपने निफ्टी रियल्टी इंडेक्स फंड में निवेश को थोड़ा रिस्ट्रिक्ट करने का फैसला किया है।