Mutual Fund News: पिछले महीने फरवरी में ओपन-एंडेड इक्विटी फंड्स में निवेश 23 फीसदी उछलकर 26,865.78 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसका खुलासा म्यूचुअल फंड्स की बॉडी एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स ऑफ इंडिया (AMFI) के आंकड़ो से हुआ है। मार्च 2021 के बाद से यह लगातार 36वां महीना रहा, जब इक्विटी फंड्स में निकासी से अधिक निवेश हुआ है। खास बात ये है कि स्मॉल कैप और मिडकैप फंड्स में भी पिछले महीने तगड़ा निवेश आया, जबकि बाजार नियामक सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने इन दोनों में रिस्क बढ़ने का खतरा नजर आ रहा है। मिडकैप फंड्स में पिछले महीने निवेश 12 फीसदी गिरा है लेकिन अभी भी यह 1808 करोड़ रुपये के हेल्दी लेवल पर है जबकि स्मॉलकैप फंड्स में निवेश 10 फीसदी गिर गया फिर भी यह 2922 करोड़ रुपये के लेवल पर है।
SEBI ने किस बात को लेकर जताई चिंता
पिछले महीने के आखिरी में सेबी ने मिडकैप और स्मॉलकैप में रिस्क बढ़ने के खतरे की आशंका जताई। सेबी के म्यूचुअल फंडों को निर्देश दिया कि वे अपने स्मॉल कैप और मिडकैप फंड्स पोर्टफोलियो की गहराई से स्टडी करें और पता लगाएं कि वे कितने लिक्विड हैं। इसके अलावा सेबी ने म्यूचुअल फंडों को यह भी पता लगाने का निर्देश दिया कि वे अपने बेंचमार्क की तुलना में कितने वोलेटाइल हैं।
निवेशकों ने कहां कितना डाला पैसा
पिछले महीने फरवरी में ओपन-एंडेड इक्विटी फंड्स में निवेश 26,865.78 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं फिक्स्ड इनकम सेगमेंट में बात करें तो डेट फंडों में जनवरी में 76,469 करोड़ रुपये के निवेश की तुलना में फरवरी में 63,809 करोड़ रुपये का ही निवेश आया। डेट फंडों में निवेश पॉजिटिव रहा और इसकी वजह शॉर्ट टर्म लिक्विड फंड कैटेगरी में 83,642 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश रहा। इसके अलावा कॉरपोरेट बॉन्ड कैटेगरी में भी 3,029 करोड़ रुपये का निवेश आया। वहीं दूरी तरफ कम अवधि वाले फंडों से 4100 करोड़ रुपये की निकासी हुई और फ्लोटर फंड्स से 3610 करोड़ रुपये की निकासी हुई। ओवरऑल बात करें तो ओपन-एंडेड म्यूचुअल फंड स्कीमों में पिछले महीने 1.19 लाख करोड़ रुपये का नेट निवेश आया जबकि जनवरी 2024 में यह आंकड़ा 1.23 लाख करोड़ रुपये पर था।