Mutual funds : इंडेक्स के नए ऑल टाइम हाई पर पहुंचने के साथ, सेंकेंडरी मार्केट में खासा जोश देखने को मिल रहा है। हालांकि, नवंबर में इसका पॉजिटिव असर प्राइमरी मार्केट पर भी दिखा। इस महीने में लगभग नौ लिस्टिंग देखने को मिलीं। ग्रांथ थ्रॉनटन (Grant Thronton) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह 2022 के किसी महीने में सबसे ज्यादा लिस्टिंग थीं और बीते 11 साल में चौथा सबसे बड़ा आंकड़ा था। हालांकि, बीते साल यानी 2021 की तुलना में प्राइमरी मार्केट खासा पीछे रहा है। 2022 में अभी तक 32 IPO आ चुके हैं और 7.6 अरब डॉलर जुटाए गए हैं। इसकी तुलना में 2021 में 53 आईपीओ के जरिये 15.4 अरब डॉलर जुटाए गए थे।
सभी नौ आईपीओ में म्यूचुअल फंड्स में किया निवेश
जब सेकेंडरी मार्केट में तेजी बनी हुई थी, आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स ने खासी दिलचस्पी दिखाई। लेकिन इस बार म्यूचुअल फंड भी आगे आए और इंडस्ट्री डेटा के मुताबिक, नवंबर में म्यूचुअल फंड्स ने सभी नौ आईपीओ में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के मुताबिक, फंड हाउसेज के नवंबर में सभी आईपीओ में निवेश के चलते उसकी वैल्यू इस महीने के दौरान सेकेंडरी मार्केट किए गए उनके निवेश से ज्यादा रही।
प्राइमरी मार्केट में कितना किया निवेश
नवंबर में नई लिस्टेड कंपनियों में म्यूचुअल फंड्स (Mutual funds) की होल्डिंग की वैल्यू 3,300 करोड़ रुपये रही, जबकि सेकेंडरी मार्केट में उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये का निवेश किया।
नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के हेड अभिलाष पगारिया ने कहा कि म्यूचुअल फंड्स की सभी आईपीओ में भागीदारी की वजह भारतीय इक्विटीज का काफी हद तक महंगा होना है और म्यूचुअल फंड्स को प्राइमरी मार्केट की लिस्टिंग्स में अच्छी वैल्यू दिख रही है।
किस आईपीओ में कितना किया निवेश
पिछले महीने के अंत में, म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग की वैल्यू ग्लोबल हेल्थ (Global Health) में 980 करोड़ रुपये, आर्शियन केमिकल्स (Archean Chemicals) में 930 करोड़ रुपये, बीकाजी फूड्स में 530 करोड़ रुपये, फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस में 350 करोड़ रुपये, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया में 220 करोड़ रुपये, फाइवस्टार बिजनेस फाइनेंस में 140 करोड़ रुपये, कीस्टोन रियल्टर्स में 100 करोड़ रुपये और आइनॉक्स ग्रीन में 50 करोड़ रुपये थी।
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