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Mutual Funds Nomination: फोलियो के लिए अभी तक नहीं बनाया है नॉमिनी तो न करें देर, नजदीक है डेडलाइन

पहले यह डेडलाइन 31 मार्च 2023 थी, जिसे SEBI ने बढ़ाकर 30 सितंबर 2023 कर दिया था। SEBI ने मार्च 2023 में जारी किए गए सर्कुलर में कहा था कि मार्केट ​पार्टिसिपेंट्स की ओर से मिले रिप्रेजेंटेशंस के आधार पर म्यूचुअल फंड के लिए नॉमिनेशन की डेडलाइन को आगे बढ़ाकर 30 सितंबर 2023 करने का फैसला किया गया है। साथ ही डीमैट/ट्रेडिंग अकाउंट में नॉमिनेशन की आखिरी तारीख को भी आगे बढ़ाकर 30 सितंबर 2023 कर दिया था

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 18, 2023 पर 3:40 PM
Mutual Funds Nomination: फोलियो के लिए अभी तक नहीं बनाया है नॉमिनी तो न करें देर, नजदीक है डेडलाइन
अभी तक 25 लाख PAN कार्ड होल्डर्स ऐसे हैं, जिन्होंने म्यूचुअल फंड्स फोलियो में नॉमिनी डिटेल्स अपडेट नहीं की हैं।

Mutual Funds Nomination Deadline: म्यूचुअल फंड में नॉमिनेशन अपडेट करने की आखिरी तारीख नजदीक है। अगर आपने म्यूचुअल फंड्स में निवेश कर रखा है और अभी तक नॉमिनी नहीं बनाया है तो 30 सितंबर 2023 से पहले यह काम जरूर कर लें। इससे पहले यह डेडलाइन 31 मार्च 2023 थी, जिसे सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने बढ़ाकर 30 सितंबर 2023 कर दिया था। रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (RTA) CAMS के आंकड़ों के मुताबिक, अभी तक 25 लाख PAN कार्ड होल्डर्स ऐसे हैं, जिन्होंने म्यूचुअल फंड्स फोलियो में नॉमिनी डिटेल्स अपडेट नहीं की हैं। अगर RTA के डेटा के साथ KFinetch का डेटा भी जोड़ लें तो नॉमिनेशन डिटेल्स अपडेट न किए हुए लोगों की संख्या और बढ़ जाएगी।

अगर म्यूचुअल फंड इन्वेस्टर की ओर से नॉमिनेशन (Mutual Funds Nomination) नहीं किया जाता है या फिर नॉमिनेशन न करने को लेकर डिक्लेरेशन नहीं दिया जाता है तो इन्वेस्टर्स के म्यूचुअल फंड फोलियोज हर तरह के डेबिट ट्रांजेक्शन के लिए फ्रीज कर दिए जाएंगे। इसका अर्थ हुआ कि वे यूनिट्स नहीं बेच सकेंगे। हां लेकिन मौजूदा फोलियो में निवेश जारी रखा जा सकेगा। सेबी ने मार्च 2023 में जारी किए गए सर्कुलर में कहा था कि मार्केट ​पार्टिसिपेंट्स की ओर से मिले रिप्रेजेंटेशंस के आधार पर म्यूचुअल फंड के लिए नॉमिनेशन की डेडलाइन को आगे बढ़ाकर 30 सितंबर 2023 करने का फैसला किया गया है।

अगर किसी के सिग्नेचर न हो रहे हों मैच

Plan Rupee Investment Services के फाउंडर अमोल जोशी के मुताबिक, अगर किसी के सिग्नेचर, फोलियो में रिकॉर्ड सिग्नेचर से मेल नहीं खा रहे हैं तो निवेशक 'बैंकर्स अटेस्टेशन ऑफ सिग्नेचर' फॉर्म सबंधित RTA या फंड हाउस में जमा कर सकता है। इस फॉर्म पर निवेशक के फोलियो से जुड़ी बैंक शाखा की ओर से सिग्नेचर रहते हैं।

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