Nifty outlook amid US-Iran War: भारतीय शेयर मार्केट फिलहाल काफी नाजुक स्थिति में है। शुक्रवार को घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी 50 ने अहम सपोर्ट लेवल तोड़ दिया और 1.25% गिरकर 25,178.65 पर बंद हुआ। अब सोमवार को ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही जंग की आंच स्टॉक मार्केट में भी महसूस हो सकती है। कच्चे तेल की कीमतें मिडिल ईस्ट की उथल-पुथल में पहले ही उबाल मार रही हैं और अब होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के ईरान के ऐलान पर यह और ऊपर चढ़ सकता है।
Nifty को लेकर क्या है एक्सपर्ट्स का रुझान?
रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अजीत मिश्र का कहना है कि निफ्टी ने शुक्रवार को 25400 का सपोर्ट लेवल तोड़ दिया था और 25100 के गैप एरिया की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया और इसके साथ ही सुधारात्मक रुख भी दिखने लगा। अब उनके मुताबिक यह देखना अहम रहेगा कि मजबूत सेक्टर खासतौर से बैंकिंग में आने वाले दिनों में कैसा रुझान रहता है क्योंकि ये ही तय करेंगे कि मार्केट में तेजी आएगी या गिरावट जारी रहेगी और यह टूटकर 24800 जोन तक आ जाएगा।
ग्लोबल कैपिटल मार्केट के असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट (इक्विटी रिसर्च) और पीएमएस विपिन कुमार का कहना है कि बजट और अमेरिका-भारत के बीच कारोबारी डील के ऐलान जैसे अहम इवेंट्स के चलते फरवरी महीने में दोनों तरफ तेज उठा-पटक दिखी। उनका मानना है कि चार्ट अभी भी निगेटिव बना हुआ है जिससे निफ्टी के लिए हाई लेवल को बनाए रखना मुश्किल दिख रहा है। विपिन के मुताबिक मिडिल ईस्ट की उठा-पटक के चलते बिकवाली की आंधी में निफ्टी अगर टूटकर 25 हजार के नीचे आता है तो यह 24,600 तक फिसल सकता है।
सेंट्रम फिनवर्स के प्रमुख (टेक्निकल और डेरिवेटिव रिसर्च) नीलेश जैन के मुताबिक निफ्टी 200-DMA यानी 25,350 के नीचे फिसल गया जो अब इसके लिए अहम रेजिस्टेंस लेवल के रूप में काम कर रहा है। नीलेश के मुताबिक डेली चार्ट पर यह लगातार लोअर टॉप और लोअर बॉटम बना रहा है जो इसके कमजोर रुझान को दिखा रहा है। फिलहाल 25 हजार का लेवल साइकोलॉजिकल सपोर्ट के तौर पर काम कर रहा है। नीलेश के मुताबिक जैसा माहौल है, उसमें किसी रिकवरी की स्थिति में बिकवाली का दबाव दिख सकता है।
टेक्निकल चार्ट से क्या मिल रहे संकेत
RSI और MACD जैसे मोमेंटम इंडिकेटर्स निफ्टी को लेकर बिकवाली का संकेत दे रहे हैं। शुक्रवार को औसत से अधिक वॉल्यूम के साथ एक बड़ी बेयरेश कैंडल बनी। फिलहाल निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन 25,100-25,000 है, जहां पुट ओपन इंटेरेस्ट काफी अधिक है। कई टेक्निकल एनालिस्ट्स के मुताबिक अगर निफ्टी इससे नीचे आकर बंद होता है तो यह 24,800 तक फिसल सकता है, या यहां तक कि बजट पेश होने के दिन यानी 1 फरवरी के निचले स्तर 24,571 तक का रास्ता भी खुल सकता है। वहीं अपसाइड इसे 25,350-25,500 के लेवल पर रेजिस्टेंस झेलना पड़ सकता है जिसके बाद रेजिस्टेंस लेवल 25,600–25,650 पर है।
बैंक निफ्टी की बात करें तो व्यापक बाजार की तुलना में इसने थोड़ी मजबूती दिखाई है और शुक्रवार को यह 60,529 पर बंद हुआ था। अगर यह 60,300-59,900 का सपोर्ट लेवल बनाए रखता है तो बेंचमार्क में गिरावट सीमित हो सकती है, जबकि इस लेवल के टूटने से ब्रोडर लेवल पर कमजोरी और बढ़ सकती है।
किस भाव तक चढ़ सकता है कच्चा तेल?
ब्रेंच क्रूड में शुक्रवार को जोरदार तेजी आई और यह प्रति बैरल $72-$73 के करीब बंद हुआ। अब अगले कारोबारी दिन इसके बढ़त के साथ खुलने के आसार हैं। एनालिस्ट्स के मुताबिक अगर होर्मुज स्ट्रेट यानी होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट जारी रहता है तो इसके भाव प्रति बैरल $80 या $83-$85 तक भी पहुंच सकती है। भारत चूंकि इस रास्ते से ही अपना आधे के करीब कच्चा तेल मंगाता है तो होर्मुज स्ट्रेट में रुकावटों से इस पर हाई इपोर्ट बिल, चालू खाते का घाटा बढ़ने, रुपये की फिसलन और महंगाई की तेज रफ्तार जैसे तात्कालिक असर दिख सकते हैं।
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