Nifty Outlook: दो सेशन की तेज रिकवरी के बाद Nifty 50 ने शुक्रवार को फिर गिरावट पकड़ ली और 22,850 के नीचे आ गया। बाजार 133 अंक नीचे खुला और पूरे दिन बिकवाली का दबाव बना रहा। बीच-बीच में थोड़ी बहुत तेजी आई, लेकिन टिक नहीं पाई। आखिर में इंडेक्स दिन के सबसे निचले स्तर के करीब बंद हुआ।
रुपये की डॉलर के मुकाबले कमजोरी, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने बाजार को दबाए रखा। निफ्टी अब 21 घंटे के EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है, जो साफ संकेत है कि शॉर्ट टर्म में कमजोरी बनी हुई है। इंडेक्स 486 अंक यानी 2.09% गिरकर 22,819 पर बंद हुआ। यह लगातार पांचवां हफ्ता है जब बाजार गिरा है। इससे पहले जुलाई से अगस्त के बीच छह हफ्तों की लगातार गिरावट देखी गई थी।
पूरे बाजार में गिरावट का असर
निफ्टी 50 के 35 शेयर इस हफ्ते लाल निशान में बंद हुए। बड़े स्टॉक्स के साथ-साथ छोटे शेयर भी दबाव में रहे। शुक्रवार को NSE पर 2,200 से ज्यादा शेयर गिरे, जबकि सिर्फ करीब 280 शेयर ही बढ़त में रहे। यानी बाजार में गिरावट काफी व्यापक रही।
मिडकैप-स्मॉलकैप भी दबाव में
निफ्टी मिडकैप इंडेक्स इस हफ्ते 1.3% गिरा। वहीं स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6% नीचे आया। इससे साफ है कि सिर्फ बड़े शेयर ही नहीं, बल्कि बाकी सेगमेंट भी कमजोरी दिखा रहे हैं।
निवेशकों की दौलत में बड़ी गिरावट
शुक्रवार को निवेशकों को बड़ा झटका लगा। BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹10 लाख करोड़ घट गया। निफ्टी 50 करीब 500 अंक गिरा, जिसका सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा।
अब बाजार की नजर अगले हफ्ते पर रहेगी। सोमवार को NSE कॉन्ट्रैक्ट्स की मंथली ऑप्शंस एक्सपायरी है। वहीं मंगलवार को बाजार छुट्टी के कारण बंद रहेगा। ऐसे में ट्रेडिंग हफ्ता छोटा रहेगा और वोलैटिलिटी ज्यादा देखने को मिल सकती है।
निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय
HDFC Securities के नागराज शेट्टी के मुताबिक हाल की रिकवरी के बाद निफ्टी का रुख फिर से तेजी से कमजोर हो गया है। उनका मानना है कि आने वाले हफ्ते में इंडेक्स 22,450 या उससे नीचे जा सकता है। नीचे की तरफ 22,000 पर सपोर्ट दिख रहा है। वहीं, ऊपर 23,200 के पास रेजिस्टेंस है।
LKP Securities के रूपक डे का कहना है कि मौजूदा अनिश्चित माहौल में 'बढ़त पर बिकवाली' वाली स्ट्रैटेजी सही रहेगी। उनके मुताबिक, अगर बाजार 23,500 के पास जाता है तो वहां बिकवाली देखने को मिल सकती है। वहीं 22,800 के नीचे गिरने पर कमजोरी और बढ़ सकती है।
HDFC Securities के विनय रजानी के मुताबिक 23,465 का हालिया स्तर अब बड़ा रेजिस्टेंस बन गया है। अगर निफ्टी इसके ऊपर जाता है तो शॉर्ट कवरिंग देखने को मिल सकती है। वहीं नीचे 22,471 के पास सपोर्ट मिल सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।