Nifty PSU Bank: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज काफी उठा-पटक के बीच कुछ पीएसयू बैंकों के शेयरों ने निचले स्तर से रिकवरी की काफी कोशिश की। हालांकि इसके बावजूद दोपहर तक 12 दिग्गज सरकारी बैंकों के निफ्टी इंडेक्स निफ्टी पीएसयू में शामिल सिर्फ दो स्टॉक्स ही ग्रीन हो पाए। वहीं तीन स्टॉक्स तो ऐसी बुरी तरह टूटे कि यह एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए। वहीं निफ्टी पीएसयू बैंक की बात करें तो लगातार चौथे कारोबारी दिन आज यह टूटा है। एक कारोबारी दिन पहले यह करीब 4% टूटा था और आज इसमें करीब आधे फीसदी की गिरावट आई तो चार कारोबारी दिनों में यह 7% से अधिक फिसला है। आठ कारोबारी दिनों में यह आठ कारोबारी दिनों में यह टूटा है।
Nifty PSU Bank के कौन-से स्टॉक्स ग्रीन और कौन एक साल के निचले स्तर पर
निफ्टी पीएसयू बैंक में 12 स्टॉक्स शामिल हैं। इसमें से सिर्फ दो स्टॉक्स-एसबीआई (SBI) और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (UBI) ही निचले स्तर से रिकवर होकर फिलहाल ग्रीन हो पाए हैं। हालांकि इनमें बढ़त 1% से कम ही है। वहीं दूसरी तरफ यूको बैंक (UCO Bank), पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab & Sindh Bank) और इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank-IOB) के शेयर फिसलकर एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए। यूको बैंक के शेयर डेढ़ फीसदी से अधिक टूटकर ₹24.60, पंजाब एंड सिंध बैंक करीब 3% फिसलकर ₹22.62 और आईओबी भी करीब 2% गिरकर एक साल के रिकॉर्ड निचले स्तर ₹31.59 तक आ गए।
आखिर क्यों टूट रहे पीएसयू बैंकों के शेयर?
बढ़ती बॉन्ड यील्ड्स का पीएसयू बैंकों पर बड़ा असर पड़ा है। देश के 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड इस समय लगभग 6.68% पर है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रही लड़ाई ने कच्चे तेल की कीमतों में आग लगा दी है जिससे बॉन्ड यील्ड बढ़ी जिसका असर पीएसयू बैंकों के शेयरों पर पड़ा। पिछले हफ्ते की बिकवाली के दौरान 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड लगभग 6.8% तक पहुंच गई थी। इसके चलते पीएसयू बैंकों के शेयरों को झटका इसलिए लगा क्योंकि आमतौर पर ये गवर्नमेंट सिक्योरिटीज का बड़ा पोर्टफोलियो रखते हैं। इनमें से अधिकतर को होल्ड-टू-मैच्योरिटी (HTM) कैटेगरी में रखा जाता है, जबकि एक बड़ा हिस्सा एवेलेबल-फॉर-सेल (AFS) कैटेगरी में भी होता है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से इन सिक्योरिटीज के भाव पर असर पड़ता है, जिससे बैंकों की बैलेंस शीट प्रभावित हो सकती है।
कितना टूट चुका है Nifty PSU Bank?
इस महीने मार्च में पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 14% टूट गया और इस साल के पहले दो महीने में जितनी तेजी इसने हासिल की थी, वह गायब हो गई। वहीं इंडेक्स में शामिल सभी स्टॉक्स इस महीने अब तक 12%-16% फिसल चुके हैं। मार्च की यह गिरावट सितंबर 2020 के बाद पीएसयू बैंक इंडेक्स की सबसे बड़ी मासिक गिरावट बन सकती है। उस समय इंडेक्स लगभग 16% गिरा था। पीएसयू बैंक इंडेक्स 26 फरवरी को 9,918 के रिकॉर्ड हाई लेवल पर था।
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