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NMDC Shares: कर्नाटक सरकार की इस योजना ने बढ़ाई बिकवाली, 7% टूट गया एनएमडीसी का शेयर

NMDC Shares: कर्नाटक सरकार एक प्रस्ताव पर विचार कर रही है जिसका असर माइनिंग कंपनी एनएमडीसी के शेयरों में तगड़ा दिखा। बिकवाली का इतना तेज झोंका आया कि शेयर करीब 7 फीसदी टूट गए। जानिए कि कर्नाटक यानी एक राज्य की सरकार के फैसले का एनएमडीसी के शेयरों पर इतना बड़ा असर क्यों दिखता है और कर्नाटक सरकार की योजना क्या है?

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Dec 18, 2024 पर 4:28 PM
NMDC Shares: कर्नाटक सरकार की इस योजना ने बढ़ाई बिकवाली, 7% टूट गया एनएमडीसी का शेयर
NMDC Shares: माइनिंग कंपनी एनएमडीसी के शेयरों में आज बिकवाली का इतना तेज झोंका आया कि शेयर ढह गए।

NMDC Shares: माइनिंग कंपनी एनएमडीसी के शेयरों में आज बिकवाली का इतना तेज झोंका आया कि शेयर करीब 7 फीसदी टूट गए। यह बिकवाली एक रिपोर्ट्स के चलते आई जिसमें दावा किया गया है कि कर्नाटक की राज्य सरकार लौह अयस्क के खनन पर ड्यूटी बढ़ाने पर विचार कर रही है। सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी मिली है। ऐसे में पीएसयू एनएमडीसी के शेयरों पर भारी दबाव पड़ा और इंट्रा-डे में यह 7.01 फीसदी टूटकर 211.55 रुपये के भाव तक आ गया। निचले स्तर पर कुछ खरीदारी हुई तो शेयर हल्का रिकवर हुए। दिन के आखिरी में यह 6.09 फीसदी की गिरावट के साथ 213.65 रुपये पर बंद हुआ है।

कर्नाटक के फैसले का असर NMDC पर इतना तगड़ा क्यों?

एनएमडीसी पर कर्नाटक सरकार के फैसलों का इसलिए बड़ा असर दिखता है क्योंकि इसके ओवरऑल मिक्स का करीब 35 फीसदी हिस्सा कर्नाटक से आता है। सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक कर्नाटक सरकार लोहे के अयस्कों की माइनिंग पर ड्यूटी बढ़ाने पर विचार कर रही है जिसका मसौदा कुछ ही दिन पहले जारी हो चुका है और अब जल्द ही इस पर फैसला लिया जा सकता है। राज्य सरकार की योजना इस साल लोहे के अयस्कों पर 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की ड्यूटी वसूलने की है।

स्टेट कैबिनेट ने पिछले हफ्ते कर्नाटक (मिनरल राइट्स एंड बेयरिंग लैंड) टैक्स बिल को मंजूरी दी थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट राज्यों को वर्ष 2005 से माइनिंग टैक्स को रेट्रोस्पेक्टिव रूप से वसूलने की मंजूरी दे दी थी। अगस्त महीने में सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने इसके बड़े वित्तीय असर की बात कही थी क्योंकि बकाया ₹1.5 लाख करोड़ से ₹2 लाख करोड़ तक हो सकता है।

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