इस बार महंगाई (मुद्रास्फीति) वास्तव में बढ़ गई है। यह इस समय इतनी ज्यादा और व्यापक हो गई है यह बहुत मुश्किल लग रहा है कि इसे केवल ब्याज दरों में वृद्धि करके नियंत्रित किया जा सकता है। ये बातें लैडरअप वेल्थ मैनेजमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर राघवेंद्र नाथ ने मनीकंट्रोल से हुई एक बातचीत के दौरान कही। इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि बढ़ती महंगाई और ब्याज दर दोनों मिलकर अधिकांश विकसित अर्थव्यवस्थाओं की ग्रोथ को पटरी से उतार सकती हैं। अगर इनमें से कुछ इकोनॉमी मंदी के दौर में चली जाएं तो भी आश्चर्य नहीं होगा।
