ये तीन वजह पड़े भारी, इंट्रा-डे हाई से 8% टूट गया NSDL का शेयर

NSDL Shares: लिस्टिंग के बाद आईपीओ निवेशकों को ताबड़तोड़ स्पीड से रिटर्न देने वाले नेशनल सिक्योरिटी डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के शेयर आज धड़ाम हो गए। जून तिमाही के कारोबारी नतीजे आने के बाद आज मार्केट खुलते ही एक बार ऊपर गया और फिर धड़ाम से इंट्रा-डे हाई से 8% से अधिक टूट गया। जानिए क्या है इसकी वजह?

अपडेटेड Aug 13, 2025 पर 4:26 PM
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NSDL Shares: आईपीओ निवेशकों को महज चार कारोबारी दिनों में 78% से अधिक रिटर्न देने वाला एनएसडीएल का शेयर जून तिमाही के कारोबारी नतीजे आने के बाद धड़ाम से गिर गया।

NSDL Shares: आईपीओ निवेशकों को महज चार कारोबारी दिनों में 78% से अधिक रिटर्न देने वाला एनएसडीएल का शेयर जून तिमाही के कारोबारी नतीजे आने के बाद धड़ाम से गिर गया। डिपॉजिटरी सर्विसेज मुहैया कराने वाली नेशनल सिक्योरिटी डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) ने एक कारोबारी दिन पहले 12 अगस्त को इक्विटी मार्केट का कारोबार समाप्त होने के बाद वित्तीय नतीजे जारी किए थे और आज मार्केट खुलते ही यह 1.47% की तेजी के साथ ₹1307.70 के भाव तक ऊपर पहुंचा था लेकिन फिर इस इंट्रा-डे हाई से यह 8.39% टूटकर ₹1198.00 के निचले स्तर तक आ गया। निचले स्तर पर खरीदारी से इसने संभलने की कोशिश तो की लेकिन अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। आज बीएसई पर यह पिछले कारोबारी दिन के क्लोजिंग प्राइस ₹1288.80 से 6.42% की गिरावट के साथ ₹1206.00 के भाव पर बंद हुआ है।

क्यों टूटा NSDL का शेयर?

एनएसडीएल के शेयरों की गिरावट की तीन अहम वजह है। एक वजह तो ये है कि जून 2025 तिमाही में इसका रेवेन्यू घटा है। दूसरी वजह ये है कि लिस्टिंग के बाद चार ही कारोबारी दिनों में आईपीओ निवेशकों को 78% का ताबड़तोड़ रिटर्न और लिस्टिंग प्राइस ₹880 से भी करीब 62% के रिटर्न ने मुनाफावसूली का दबाव बनाया। तीसरी एक वजह ये है कि एनालिस्ट्स के मुताबिक शेयरों की ताबड़तोड़ तेजी के चलते इसका वैल्यूएशन पियर सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिटेड (CDSL) की तुलना में महंगा हो गया।


कैसी रही एनएसडीएल की जून तिमाही?

चालू वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2025 में एनएसडीएल का नेट प्रॉफिट 15% बढ़कर ₹89.63 करोड़ पर पहुंच गया लेकिन इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 7.5% घटकर ₹312 करोड़ पर आ गया। हालांकि इस दौरान कंपनी का ईपीएस बढ़कर प्रति शेयर ₹4.48 पर पहुंच गया। कंपनी का सालाना खर्च एक साल पहले के मुकाबले 14% गिरकर ₹228 करोड़ पर आ गया।

NSDL IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस

एनएसडीएल के शेयर 6 अगस्त को 10% प्रीमियम पर लिस्ट हुए थे। आईपीओ निवेशकों को यह ₹800 के भाव में जारी हुआ था। लिस्टिंग के बाद यह कुछ ही दिनों में 11 अगस्त को ₹1425 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। इसका ₹4,011.60 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 30 जुलाई से 1 अगस्त तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 41.02 गुना सब्सक्राइब हुआ था। यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था यानी कि एनएसडीएल को आईपीओ का कोई पैसा नहीं मिला है। वर्ष 2012 में बनी एनएसडीएल सेबी के पास रजिस्टर्ड मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशन (MII) है। यह देश में सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी के तौर पर काम करती है। इसका काम सिक्योरिटीज के अलॉटमेंट और मालिकाना हक के ट्रांसफर के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड मेंटेन करना है।

ऑफर फॉर सेल के तहत किसने बेचे NSDL के शेयर?

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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