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NSE लगातार तीसरे साल रहा दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज

2021 में एनएसई पर कुल रजिस्टर्ड निवेशकों की संख्या 5 करोड़ को पार करके 5.5 करोड़ पर पहुंच गई है। पिछले 10 साल में इक्विटी डेरिवेटिव्स डेली एवरेज टर्नओवर 4.2 गुना बढ़कर 1,41,267 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 19, 2022 पर 5:21 PM
NSE लगातार तीसरे साल रहा दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज
एनएसई को सेबी से Nifty MidCap Select Index पर डेरिवेटिव्स लॉन्च करने की मंजूरी मिल गई है और इन डेरिवेटिव्स की ट्रेडिंग 24 जनवरी से शुरु हो जाएगी।

फ्यूचर इंडस्ट्री एसोसिएशन के मुताबिक ट्रेंड किए गए कॉन्ट्रैक्टों की संख्या के आधार पर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) लगातार तीसरे साल दुनिया का सबसे बड़ा डेरिवेटिव एक्सचेंज रहा है। इसके साथ ही एनएसई ने अपने स्टेटमेंट में यह भी बताया है कि वर्ड फेडरेशन ऑफ एक्सचेंज ने 2021 के लिए एनएसई को ट्रेंड की संख्या के आधार पर दुनिया का चौथा सबसे बड़ा कैश इक्विटी मार्केट चुना है।

निवेश के इंस्ट्रूमेंट के लेवल पर एनएसई को ट्रेड किए गए कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर इंडेक्स ऑप्शन और करेंसी ऑप्शन में पहला रेंक दिया गया है। निफ्टी बैंक इंडेक्स पर इंडेक्स ऑप्शन कॉन्ट्रैक्टों को पहली रैकिंग दी गई है। वहीं ट्रेड किए गए कॉन्ट्रैक्टों की संख्या के आधार पर इंडेक्स ऑप्शन के तहत निफ्टी 50 इंडेक्स को ग्लोबल स्तर पर दूसरी रैकिंग दी गई है।

इसी तरह करेंसी ऑप्शन कैटेगरी में ट्रेड किए गए कॉन्ट्रैक्टों की संख्या के आधार पर यूएस डॉलर- इंडियन रुपी ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट को पहला रैंक मिला है।

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