NSE Share Price: धनतेरस के दिन आज एनएसई ने नया मुकाम हासिल कर लिया। शुरुआती गिरावट से उबरते हुए नई ऊंचाई पर पहुंचा तो साथ ही लगातार चौथे कारोबारी दिन की तेजी के बाद मार्केट कैप $5000 करोड़ के पार चला गया। इसके शेयरों में यह तेजी तिमाही आधार पर सितंबर तिमाही के कमजोर कारोबारी नतीजे के बावजूद आई। फिलहाल बीएसई पर यह 0.09% की बढ़त के साथ ₹1896.05 पर है। इंट्रा-डे में इसने ₹1,862.00 के निचले स्तर से रिकवरी की और ₹1,953.95 के रिकॉर्ड हाई तक पहुंचा था।
एनएसई के शेयरों की घरेलू स्टॉक मार्केट में 24 सितंबर 2026 को एंट्री हुई थी। इसके ₹22562 करोड़ के आईपीओ के तहत निवेशकों को यह ₹1785 के भाव पर जारी हुआ था। इसका आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था।
NSE के लिए कैसी रही सितंबर तिमाही
जुलाई-सितंबर 2026 में तिमाही आधार पर एनएसई के ट्रांजैक्शन एक्टिविटी और प्रॉफिटेबिलिटी में गिरावट आई। हालांकि नतीजे अनुमानों से थोड़े बेहतर रहे, लेकिन अलग-अलग सेगमेंट में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम रहने का असर इसके ऑपरेटिंग परफॉरमेंस पर पड़ा। तिमाही आधार पर इसके ट्रांजैक्शन एक्टिविटी में 16% की गिरावट आई और सभी सेगमेंट में ADTV (एवरेज डेली ट्रेडेड वॉल्यूम) कम हो गया। इक्विटी ऑप्शंस प्रीमियम में ADTV 25% गिर गया, जबकि यील्ड में भी 3 बेसिस पॉइंट्स की कमी आई।
आईपीओ एक्टिविटी में तेजी से हुई कमाई ने ट्रांजैक्शन से होने वाली कमाई में आई कमी की कुछ हद तक भरपाई कर दी। हालांकि ट्रेडिंग एक्टिविटी में गिरावट का असर इसके ऑपरेटिंग परफॉरमेंस पर पड़ा और EBITDA में तिमाही आधार पर 13% की गिरावट आई और EBITDA मार्जिन 215 बेसिस पॉइंट्स कम हो गया। इसे मुख्य रूप से ऑपरेटिंग डीलीवरेज से झटका लगा।
ट्रेजरी निवेश से एनएसई की कमाई तिमाही आधार पर सितंबर 2026 तिमाही में 30% घटकर ₹479 करोड़ रह गई, जिसके चलते नेट प्रॉफिट 17% गिरकर ₹2,578 करोड़ हो गया। वहीं दूसरी तरफ सितंबर तिमाही में कमोडिटी डेरिवेटिव्स में काफी तेजी दिखी। कमोडिटी फ्यूचर्स में एवरेज डेली टर्नओवर (ADT) तिमाही आधार पर 38% बढ़कर ₹138 करोड़ हो गया, जबकि ऑप्शंस प्रीमियम टर्नओवर 116% उछलकर ₹297 करोड़ पर पहुंच गया। इसे क्रूड ऑयल कॉन्ट्रैक्ट्स में आई जोरदार तेजी से सपोर्ट मिला। एनएसई का मार्केट शेयर लगभग सभी सेगमेंट में स्थिर रहा, लेकिन इक्विटी कैश मार्केट में इसमें 1 पर्सेंटेज प्वाइंट की गिरावट आई और यह 92% पर आ गया।
क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान?
लिक्विडिटी पूल में मजबूत स्थिति, कमाई के कई रास्ते और इन-हाउस स्केलेबल टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर के चलते कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने एनएसई को ₹2200 के टारगेट प्राइस के साथ खरीदारी की रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि EBITDA मार्जिन में सुधार, कम कैपिटल इंटेंसिटी और मजबूत कैश जनरेशन के दम पर एक्सचेंज की कमाई में अच्छी-खासी ग्रोथ देखने को मिलेगी। हालांकि ब्रोकरेज फर्म ने कुछ रिस्क का भी जिक्र किया है जैसे कि डेरिवेटिव सेगमेंट में नियमों की सख्ती, ट्रेडिंग वॉल्यूम में उतार-चढ़ाव, मार्केट शेयर में गिरावट, और टेक्नोलॉजी या साइबर सुरक्षा से जुड़ी दिक्कतें।
जेपीमॉर्गन ने एनएसई को ₹2,130 के टारगेट प्राइस पर ओवरवेट रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक यह शेयर फिलहाल अपने अनुमानित FY28 प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल के 36.8 गुना पर है।
मैक्वेरी ने एनएसई को ₹1975 के टारगेट प्राइस के साथ आउटपरफॉर्म रेटिंग दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि सितंबर तिमाही के नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे। हालांकि इक्विटी कैश सेगमेंट का परफॉरमेंस अनुमान से बेहतर रहा, जबकि ऑप्शंस से होने वाली आय उम्मीद से कम रही। मैक्वेरी ने ट्रेडिंग एक्टिविटी पर CAS (क्लोजिंग ऑक्शन सेशन) फ्रेमवर्क के असर का जिक्र किया, जिसके कारण अलग-अलग सेगमेंट में ADTV (एवरेज डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम) में लगातार गिरावट आई। इक्विटी कैश ADTV में तिमाही आधार पर 13%, फ्यूचर्स वॉल्यूम में 19%, ऑप्शंस नोशनल टर्नओवर में 16% और ऑप्शंस प्रीमियम टर्नओवर में 25% की गिरावट आई। मैक्वेरी का मानना है कि पिछले महीने CAS फ्रेमवर्क में बदलावों के बाद दिसंबर 2026 तिमाही से ट्रेडिंग वॉल्यूम में सुधार देखने को मिल सकता है।
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