Nvidia ने भारत में एंप्लॉयीज को दिया बड़ा तोहफा, 1 करोड़ रुपये तक के स्टॉक ग्रांट्स मिले

एनवीडिया के इस कदम से एंप्लॉयीज को उनके ऑरिजिनल रेस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स (RSUs) के अतिरिक्त 25 फीसदी स्टॉक मिले हैं, जिससे उनका लॉन्ग टर्म कंपनसेशन बढ़ गया है। Nvidia के इस ग्रांट का फायदा भारत में उसके करीब 10,000 एंप्लॉयीज को होने का अनुमान है

अपडेटेड Apr 14, 2026 पर 4:39 PM
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यह पेआउट 'जेनसेन स्पेशल ग्रांट' का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत एनवीडिया के सीईओ जेनसेन हुआंग ने 2024 में की थी।

एनवीडिया ने भारत में अपने ज्यादातर एंप्लॉयीज को बड़ा तोहफा दिया है। कंपनी ने एंप्लॉयीज को वन-टाइम स्टॉक ग्रांट दिया है। यह पेआउट 5 लाख से लेकर 1.5 करोड़ रुपये तक है। इससे टेक्नोलॉजी सेक्टर में शेयर आधारित कंपनसेशन के बढ़ते इस्तेमाल का संकेत मिलता है। यह पेआउट 'जेनसेन स्पेशल ग्रांट' का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत एनवीडिया के सीईओ जेनसेन हुआंग ने 2024 में की थी। एनवीडिया अमेरिकी कंपनी है, जो चिप बनाती है।

एंप्लॉयीज का लॉन्ग टर्म कंपनसेशन बढ़ा

एनवीडिया के इस कदम से एंप्लॉयीज को उनके ऑरिजिनल रेस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स (RSUs) के अतिरिक्त 25 फीसदी स्टॉक मिले हैं, जिससे उनका लॉन्ग टर्म कंपनसेशन बढ़ गया है। Nvidia के इस ग्रांट का फायदा भारत में उसके करीब 10,000 एंप्लॉयीज को होने का अनुमान है। यह जानकारी सैलरी ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म 6figr के डेटा पर आधारित है।


वेस्टिंग पीरियड 4 साल से ज्यादा होगा

इस स्टॉक अवॉर्ड का वेस्टिंग पीरियड 4 साल से ज्यादा होगा, जिसकी शुरुआत सितंबर 2024 में होगी। यह 2028 तक हर तिमाही किस्त में जारी रहेगी। इस ग्रांट की वैल्यू एनवीडिया के शेयर प्राइस और एक्सचेंज रेट से लिंक्ड होगी। इसका मतलब है कि पेआउट की कीमतें चढ़ती-उतरती रहेंगी। लेकिन, कुछ सालों बाद इनकी कीमत काफी ज्यादा हो सकती है।

वेल्थ क्रिएशन में बढ़ रही स्टॉक बेस्ड इनसेंटिव की भूमिका

उदाहरण के लिए स्पेशल ग्रांट के तहत कंपनी के एक मिड-लेवल के एंप्लॉयी को करीब 5.3 लाख रुपये की वैल्यू की अतिरिक्त स्टॉक यूनिट्स मिली हैं, जो रेगुलर एनुअल इक्विटी कंपनसेशन के अतिरिक्त है। एंप्लॉयीज को ग्रांट की गई टोटल अनवेस्टेड इक्विटी होल्डिंग्स 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की हो सकती है। यह इस बात का संकेत है कि स्टॉक बेस्ड इनसेंटिव वेल्थ क्रिएशन का मुख्य जरिया बन रहा है।

टेक्नोलॉजी कंपनियों में स्टॉक-हेवी पे स्ट्रक्चर का इस्तेमाल

ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चिप डिजाइन जैसे हाई-डिमांड वाले क्षेत्रों में कंपनेशनल स्ट्रेटेजी में बदलाव देखने को मिल रहा है। एनवीडिया में एंप्लॉयीज खासकर मिड से सीनियर लेवल के इंजीनियर्स के कुल पे में इक्विटी की हिस्सेदारी 50-75 फीसदी हो सकती है। इंडिया के एक बड़े टैलेंट हब के रूप में उभरने के साथ ऐसे स्टॉक-हेवी पे स्ट्रक्चर का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इसका मकसद स्किल्ड प्रोफेशनल की बढ़ती मांग है।

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सीनियर इंजीनियर की सालाना सैलरी 203 करोड़ रुपये

एआई और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्र में सीनियर इंजीनियर की सालाना सैलरी 2-3 करोड़ रुपये के बीच है। इसमें फिक्स्ड सैलरी से ज्यादा हिस्सेदारी इक्विटी की बढ़ती कीमतों का है। एनवीडिया टॉप टेक टैलेंट को अट्रैक्ट करने के लिए लॉन्ग टर्म इनसेंटिव का सहारा ले रही है।

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