Ola Electric Shares: ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के शेयरों में आज 16 फरवरी को तेज गिरावट देखने को मिली। कंपनी के शेयर बाजार खुलते ही करीब 6 प्रतिशत तक टूटकर 28.81 रुपये के स्तर पर आ गए। यह इसका पिछले एक साल का सबसे निचला स्तर यानी 52-वीक लो है। पिछले एक साल में ओला इलेक्ट्रिक का शेयर 52% से ज्यादा टूट चुका है।
यह गिरावट कंपनी के दिसंबर तिमाही के कमजोर नतीजों के बाद आई। ब्रोकरेज फर्म एमके ग्लोबल ने शेयर की रेटिंग घटा दी है और इसके टारगेट प्राइस में भी 60% की बड़ी कटौती की गई है।
‘बाय’ से ‘सेल’ में बदली रेटिंग
ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का तीसरी तिमाही का प्रदर्शन कमजोर रहा है। रेवेन्यू आधा हो गया है और घाटा अभी भी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है।
ओला इलेक्ट्रिक का दिसंबर तिमाही में रेवेन्यू सालाना आधार पर 55% घट गया। तिमाही आधार पर भी रेवेन्यू में 32% की कमी आई। कंपनी को तीसरी तिमाही में 490 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। पिछली तिमाही में यह घाटा 560 करोड़ रुपये था। यानी सालाना आधार पर घाटा थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अभी भी बड़ा है।
EBITDA स्तर पर कंपनी को 271 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। यह सालाना आधार पर कम हुआ, लेकिन पिछली तिमाही की तुलना में बढ़ा है। ग्रॉस मार्जिन में सुधार दिखा है। यह 18.6% से बढ़कर 34.3% पर पहुंच गया। पिछली तिमाही में यह 30.9% था।
बिक्री और बाजार हिस्सेदारी में गिरावट
कंपनी की बिक्री में भारी गिरावट आई है। वॉल्यूम सालाना आधार पर 61% और तिमाही आधार पर 38% घटकर लगभग 32,000 यूनिट रह गया।
ऑटो बिजनेस से रेवेन्यू 55% घटकर 467 करोड़ रुपये रह गई। बैटरी सेल बिजनेस से रेवेन्यू 9 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल 3 करोड़ रुपये थी।
ब्रोकरेज के मुताबिक इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर का लॉन्ग-टर्म आउटलुक मजबूत है। इंडस्ट्री में मांग सुधर रही है। जीएसटी कटौती के बाद लोगों तक पहुंच में भी सुधार आया है। लेकिन इसके बीच ओला की इस सेगमेंट में मार्केट शेयर घट रही है।
लागत में कटौती और कैश की चिंता
एमके ग्लोबल ने कहा कि कंपनी कई कदम उठा रही है। जैसे स्टोर की संख्या में कटौती और खर्च कम करना। कंपनी ने ऑपरेशनल खर्च 430 करोड़ रुपये से घटाकर 250-300 करोड़ रुपये प्रति तिमाही करने का लक्ष्य रखा है।
ब्रोकरेज का मानना है कि सुधार की यह प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण हो सकती है। बाजार में पहले से स्थापित कंपनियों का दबाव बढ़ रहा है। एथर एनर्जी जैसी कंपनियां भी तेजी से विस्तार कर रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 26 के नौ महीनों में कंपनी का नेट डेट 670 करोड़ रुपये हो गया है। पहले यह नेट कैश पोजीशन में थी।
ब्रोकरेज का कहना है कि अगर बैटरी बिजनेस में रणनीतिक हिस्सेदारी बिक्री होती है और बड़ा कैश इनफ्लो आता है, तो यह कंपनी के लिए पॉजिटिव हो सकता है। फिलहाल एमके ग्लोबल ने इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर थीम में एथर, टीवीएस मोटर और बजाज ऑटो को प्राथमिकता देने की बात कही है।
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