Paytm Share Price: घाटे से मुनाफे में आई पेटीएम, फिर भी शेयर 4.5% धड़ाम; जानें ब्रोकरेज फर्मों की राय

Paytm Share Price: पेटीएम के शेयर शुक्रवार 30 जनवरी को कारोबार के दौरान करीब 4.5 फीसदी तक लुढ़ककर अपने 4-महीनों के सबसे निचले स्तर पर आ गए। यह गिरावट ऐसे समय आई, जब कंपनी ने दिसंबर तिमाही में घाटे से उबरते हुए मुनाफा दर्ज किया। कारोबार के दौरान पेटीएम का शेयर 1,115.60 रुपये तक फिसल गया, जो 30 सितंबर के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है

अपडेटेड Jan 30, 2026 पर 3:42 PM
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Paytm Share Price: पेटीएम ने दिसंबर तिमाही में 225 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया

Paytm Share Price: पेटीएम के शेयर शुक्रवार 30 जनवरी को कारोबार के दौरान करीब 4.5 फीसदी तक लुढ़ककर अपने 4-महीनों के सबसे निचले स्तर पर आ गए। यह गिरावट ऐसे समय आई, जब कंपनी ने दिसंबर तिमाही में घाटे से उबरते हुए मुनाफा दर्ज किया। कारोबार के दौरान पेटीएम का शेयर 1,115.60 रुपये तक फिसल गया, जो 30 सितंबर के बाद का इसका सबसे निचला स्तर है।

Paytm के Q3 नतीजे कैसे रहे?

पेटीएम ने गुरुवार 29 जनवरी को मौजूदा वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी ने बताया कि उसने दिसंबर तिमाही में 225 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि एक साल पहले वह इसी तिमाही में 208 करोड़ रुपये के घाटे में रही थी।

वहीं कंपनी का रेवेन्यू दिसंबर तिमाही में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 2,194 करोड़ रुपये हो गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में ₹1,828 करोड़ रही थी। पेटीएम ने बकाया कि उसे पेमेंट्स GMV, मर्चेंट सब्सक्रिप्शन और फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रीब्यूशन से आए रेवेन्यू के चलते मुनाफे में आने में मदद मिली।


कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) दिसंबर तिमाही में बढ़कर 156 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 7 प्रतिशत रहा। कंपनी ने बताया कि उसने लगातार तीसरी तिमाही में अपना UPI कंज्यूमर मार्केट शेयर बढ़ाया है। पिछले नौ महीनों में पेटीएम के कंज्यूमर UPI के ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) 35 प्रतिशत बढ़ा, जबकि इंडस्ट्री GMV की ग्रोथ इसी अवधि में 16 प्रतिशत रही।

Paytm Shares: अब खरीदें, बेचें या करें होल्ड?

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सिटी ने पेटीएम के शेयरों पर अपनी ‘Buy’ रेटिंग बनाए रखी है। लेकिन इसके टारगेट प्राइस को 1,500 रुपये से घटाकर 1,375 रुपये कर दिया है। नया टारगेट शेयर के पिछले बंद भाव से 1,168.10 रुपये से करीब 18 प्रतिशत की संभावित तेजी दिखाता है।

सिटी ने कहा कि रेगुलेटरी इनसेंटिव्स की वापसी निकट अवधि में EBITDA पर दबाव डाल सकती है। इससे पहले, पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (PIDF) को लेकर अनिश्चितता के कारण भी शेयर में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया था।

PIDF योजना रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की एक पहल है, जिसका उद्देश्य साउंडबॉक्स और POS जैसे डिजिटल पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर की तैनाती को बढ़ावा देना था। यह योजना दिसंबर 2025 तक बढ़ाई गई थी, लेकिन इसके आगे विस्तार को लेकर अभी कोई स्पष्टता नहीं है।

वहीं CLSA ने पेटीएम के शेयर पर अपनी ‘अंडरपरफॉर्म’ की रेटिंग बरकरार रखते हुए इसके लिए 1,000 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो इसके पिछले बंद भाव से करीब 14 प्रतिशत की गिरावट का संकेत देता है। CLSA ने कहा कि दिसंबर तिमाही के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे, लेकिन PIDF इनकम खत्म होने से प्री-टैक्स प्रॉफिट के अनुमान में 3–5 प्रतिशत की कटौती की गई है, हालांकि इसका कुछ हिस्सा कम विज्ञापन खर्च से संतुलित हुआ।

दूसरी ओर, जेफरीज ने भी पेटीएम के शेयर पर अपनी ‘Buy’ की रेटिंग बनाए रखी है और इसके लिए 1,450 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। यह इसके शेयरों में मौजूदा स्तर से करीब 24 प्रतिशत से ज्यादा की संभावित बढ़त दिखाता है। ब्रोकरेज ने कहा कि तीसरी तिमाही के नतीजे उसके अनुमानों से थोड़ा बेहतर रहे। वहीं JM फाइनेंशियल का मानना है कि Paytm ने एक और तिमाही में अनुमान से बेहतर मुनाफा देकर अपनी निरंतरता साबित की है।

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