पेटीएम (Paytm) की पैरेंट कंपनी वन 97 कम्युनिकेशन्स (One 97 Communications) के शेयरों में कुछ महीनों से अच्छी तेजी दिख रही है। छह महीने में यह 38 फीसदी मजबूत हुआ है तो मंथली बेसिस पर यह दिसंबर 2022 से लगातार ग्रीन जोन में बना हुआ है। आज की बात करें तो इंट्रा-डे में बीएसई पर यह 8 फीसदी उछलकर 785.50 रुपये पर पहुंच गया। हालांकि इसके बाद भाव में थोड़ी नरमी आई और कारोबार के अंत में इसके शेयर 6.05फीसदी उछाल के साथ 771 रुपये (Paytm Share Price) पर बंद हुआ है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या अब भी इसमें निवेश का अच्छा मौका है या गिरावट का इंतजार करना चाहिए?
Paytm को लेकर ब्रोकरेज की ये है राय
पेटीएम ने मई महीने का जो बिजनेस अपडेट जारी किया है और मार्च 2023 तिमाही का उम्मीद से बेहतर वित्तीय प्रदर्शन रहा है, उससे लॉन्ग टर्म के लिए पेटीएम को लेकर ब्रोकरेज पॉजिटिव हैं। मई महीने के बिजनेस अपडेट को देखते हुए घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीताल ओसवाल ने पेटीएम में निवेश के लिए 900 रुपये का टारगेट प्राइस फिक्स किया है। मोतीलाल ओसवाल ने अपनी रिपोर्ट में हाईलाईट किया है कि अप्रैल-मई 2023 यानी दो महीने में इसका ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) मजबूत बना रहा और सालाना आधार पर 35 फीसदी उछलकर 2.65 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। ब्रोकरेज ने अपनी रिपोर्ट में इसे भी हाईलाईट किया है कि इसका लोन डिस्बर्समेंट तो बढ़ रहा है, साथ ही एवरेज टिकट साइज में भी इजाफा हो रहा है। पेटीएम ने अभी लोन को लेकर सात एंटिटीज के साथ साझेदारी की है और अब इसका लक्ष्य चालू वित्त वर्ष 2023-24 में तीन से चार पार्टनर और जोड़ने की है।
पेटीएम के बिजनेस अपडेट से पहले 2 जून को वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने इस बात का उल्लेख किया है कि पेटीएम का लोन बिजनेस फर्श से अर्श पर पहुंच गया और पिछली आठ तिमाहियों में यह 12 हजार करोड़ रुपये के तिमाही रन-रेट डिस्बर्समेंट लेवल से बढ़ा है। पिछली कुछ तिमाहियों में इसमें 'बाय नाऊ पे लेटर' (BNPL) की करीब 55 फीसदी हिस्सेदारी है। ब्रोकरेज के मुताबिक पेटीएम के लिए बीएनपीएल हाई वॉल्यूम और कम मार्जिन वाला प्रोडक्ट है जबकि पर्सनल लोन और मर्चेंट लोन कम वॉल्यूम और हाई मार्जिन वाले प्रोडक्ट्स हैं। ब्रोकरेज ने इसे 850 रुपये के टारगेट पर खरीदारी की रेटिंग दी हुई है।
पेटीएम ने 5 जून को एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि इसके एवरेज मंथली यूजर्स इस तिमाही के शुरुआती दो महीने में सालाना आधार पर 24 फीसदी बढ़कर 9.2 करोड़ पर पहुंच गए। वहीं मार्च तिमाही में इसका कंसालिडेटेड नेट लॉस तेजी से गिरकर 761.4 करोड़ रुपये गिरकर 168.4 करोड़ रुपये पर आ गया। इसका ऑपरेशनल रेवेन्यू सालाना आधार पर 51.5 फीसदी उछलकर ₹2,334.5 करोड़ पर पहुंच गया।
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