Promoter Buying Stocks: शेयर बाजार में जब गिरावट आती है, तो अच्छी कंपनियों की पहचान करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में निवेशक अक्सर एक संकेत पर ध्यान देते हैं और वह है प्रमोटरों की खरीदारी। जब
Promoter Buying Stocks: शेयर बाजार में जब गिरावट आती है, तो अच्छी कंपनियों की पहचान करना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में निवेशक अक्सर एक संकेत पर ध्यान देते हैं और वह है प्रमोटरों की खरीदारी। जब
कंपनी के प्रमोटर खुद बाजार से शेयर खरीदने लगते हैं, तो यह इस बात का संकेत माना जाता है कि उन्हें अपने कारोबार के भविष्य पर भरोसा है। हाल के समय में गिरते बाजार के बीच कुछ कंपनियों में प्रमोटरों ने अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।
Raymond Lifestyle
Raymond Lifestyle भारत की जानी मानी फैशन और लाइफस्टाइल कंपनी है। इसे उसके मशहूर ब्रांड 'The Complete Man' के लिए जाना जाता है। कंपनी प्रीमियम फैब्रिक, रेडी टू वेयर कपड़े और एक्सपोर्ट कारोबार में भी मौजूद है।
2024 में लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयर में 70 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट आई। इसके बावजूद प्रमोटरों ने कंपनी में अपना भरोसा दिखाया है। मार्च 2025 में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 54.7 प्रतिशत थी, जो दिसंबर 2025 तक बढ़कर 58.2 प्रतिशत हो गई।
कंपनी का कारोबार कई हिस्सों में फैला है। इसमें ब्रांडेड अपैरल, ब्रांडेड टेक्सटाइल और गारमेंटिंग जैसे सेगमेंट शामिल हैं। Park Avenue, ColorPlus और Parx जैसे ब्रांड इसके पोर्टफोलियो का हिस्सा हैं।
रेमंड अब अपने कारोबार को नए सेगमेंट में भी बढ़ा रहा है। इसमें एथनिक वियर, स्लीपवियर और इनरवियर शामिल हैं। कंपनी एक्सपोर्ट बाजार में भी अपना फोकस अमेरिका के अलावा यूरोप और एशिया पैसिफिक क्षेत्रों की तरफ बढ़ा रही है।
Senco Gold
Senco Gold भारत की प्रमुख ज्वेलरी रिटेल कंपनियों में से एक है। यह आठ दशक से ज्यादा पुराना पारिवारिक कारोबार है। कंपनी रोजाना करीब 100 नए डिजाइन लॉन्च करती है और इसके साथ सैकड़ों कारीगर जुड़े हुए हैं।
देशभर में कंपनी का बड़ा रिटेल नेटवर्क है। इसके 196 शो रूम 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैले हुए हैं। इनमें से 113 कंपनी के अपने स्टोर हैं और 83 फ्रेंचाइजी मॉडल पर चलते हैं।
गिरते बाजार के बीच प्रमोटर लगातार खुले बाजार से शेयर खरीद रहे हैं। दिसंबर 2025 तिमाही में उनकी हिस्सेदारी बढ़कर 64.47 प्रतिशत हो गई, जो एक साल पहले 64.33 प्रतिशत थी।
कंपनी अब पूर्वी भारत के बाहर भी तेजी से विस्तार करना चाहती है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि आने वाले समय में रेवेन्यू में मजबूत वृद्धि हो सकती है। सोने की ऊंची कीमतों को देखते हुए कंपनी हल्के वजन वाले 9 और 14 कैरेट गोल्ड ज्वेलरी पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
Rashi Peripherals
Rashi Peripherals भारत की बड़ी आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों में से एक है। कंपनी 82 ग्लोबल टेक कंपनियों को भारत के 10,000 से ज्यादा चैनल पार्टनर्स से जोड़ती है।
इसका कारोबार दो हिस्सों में बंटा है। पहला Personal Computing and Enterprise Solutions है, जिसमें सर्वर, स्टोरेज और एंटरप्राइज टेक सॉल्यूशन आते हैं। दूसरा Lifestyle and IT Essentials सेगमेंट है। इसमें GPU, मदरबोर्ड और अन्य टेक प्रोडक्ट शामिल हैं।
दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी के प्रमोटरों ने भी अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। उनकी हिस्सेदारी 63.41 प्रतिशत से बढ़कर 63.98 प्रतिशत हो गई।
कंपनी को उम्मीद है कि आने वाले समय में पीसी बाजार में सुधार से उसे फायदा मिलेगा। Windows 10 सपोर्ट खत्म होने और AI आधारित नए डिवाइस की मांग बढ़ने से एंटरप्राइज कंप्यूटिंग सेगमेंट में तेजी आ सकती है।
क्या आपको लगाना चाहिए दांव?
ऐसी कंपनियों में प्रमोटरों की बढ़ती हिस्सेदारी अक्सर सकारात्मक संकेत मानी जाती है। क्योंकि यह दिखाती है कि कंपनी के अंदरूनी लोगों को कारोबार के भविष्य पर भरोसा है।
हालांकि सिर्फ इसी आधार पर निवेश का फैसला लेना सही नहीं होता। निवेश से पहले कंपनी की कमाई की वृद्धि, कर्ज, मांग का रुझान और वैल्यूएशन भी देखना जरूरी है। अगर कारोबार में सुधार और मांग की रिकवरी दिखने लगे, तभी ऐसे स्टॉक्स में दांव लगाना ज्यादा सुरक्षित माना जा सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
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