Protean eGov Stocks: एक महीने में 30% क्रैश कर चुका है स्टॉक, क्या अभी निवेश करने पर होगी तगड़ी कमाई?

Protean eGov Technologies का स्टॉक अपने ऑल-टाइम हाई से 55 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर चुका है। अप्रैल में सिर्फ दो सेशन में कंपनी का शेयर 30 फीसदी तक टूट गया था। इसकी वजह यह खबर थी कि पैन 2.0 प्रोजेक्ट के लिए कंपनी को सेलेक्ट नहीं किया गया है

अपडेटेड May 27, 2025 पर 4:29 PM
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27 मई को कंपनी का स्टॉक 2.17 फीसदी गिरकर 952.50 रुपये पर बंद हुआ।

प्रोटीन ईगोव टेक्नोलॉजीज के शेयरों को पिछले महीने मुश्किल वक्त का सामना करना पड़ा। सिर्फ दो सेशन में कंपनी का शेयर 30 फीसदी तक टूट गया था। इसकी वजह एक खबर थी जिसमें कहा गया था कि अगले चरण के पैन 2.0 आरएफपी सेलेक्शन प्रोसेस में प्रोटीन ईगोव के नाम पर विचार नहीं किया गया है। इसके बाद कंपनी के चौथी तिमाही के नतीजें भी खराब रहे। कंपनी के नेट प्रॉफिट में साल दर साल आधार पर 5 फीसदी गिरावट आई। अभी इस स्टॉक में 52 हफ्तों के निचले स्तर पर ट्रेडिंग हो रही है।

ऑल-टाइम हाई से शेयर की कीमतें 55 फीसदी फिसली

Protean eGov Technologies का स्टॉक अपने ऑल-टाइम हाई से 55 फीसदी से ज्यादा क्रैश कर चुका है। सवाल है कि कीमतों में तेज गिरावट के बाद निवेशकों को क्या करना चाहिए? तेज गिरावट के बाद शेयर की कीमतों में अभी FY27 की अनुमानित अर्निंग्स के 33 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। अब वैल्यूएशन सही लेवल पर आ गी है, लेकिन अर्निंग्स को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। हालांकि, PAN 2.0 प्रोजेक्ट के लिए सेलेक्ट नहीं होने के बावूजद शॉर्ट और मीडियम टर्म में कंपनी की अर्निंग्स में बड़ी गिरावट का अनुमान नहीं है।


पैन 2.0 प्रोजेक्ट नहीं मिलने का ज्यादा असर नहीं पड़ेगा

कंपनी ने भी यह स्पष्ट किया है कि इसका (पैन 2.0 प्रोजेक्ट) मौजूदा पैन प्रोसेसिंग और इश्यूएंस सर्विसेज पर सीमित या नहीं के बराबर असर पड़ेगा। कंपनी को कुछ नए वर्टिकल्स से ग्रोथ मिलेगी। इनमें डेटा स्टैक से लेकर इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स शामिल हैं। हालांकि, नए प्रोजेक्ट्स के लॉन्च होने में समय लग सकता है। हालांकि, मार्केट को लगता है कि PAN 2.0 प्रोजेक्ट नहीं मिलने से कंपनी के रेवेन्यू में कमी आ सकती है। इसकी वजह यह है कि कंपनी के रेवेन्यू में टैक्स सर्विसेज की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी है।

लंबी अवधि में बिजनेस को लेकर रिस्क हो सकता है

PAN 2.0 प्रोजेक्ट से पैन इश्यूएंस प्रक्रिया में कंसॉलिडेशन आएगा। इससे लंबी अवधि में प्रोटीन के बिजनेस को लेकर रिस्क पैदा हो सकता है। हालांकि, यह ध्यान में रखना जरूरी है कि पैन कार्ड के करीब 70 फीसदी अप्लिकेशंस असिस्टेड मोड के जरिए आते हैं। इसमें लोग एजेंट/सेंटर के पास जाते हैं और खुद KYC के डॉक्युमेंट्स सब्मिट करते हैं, जिसकी ऑनलाइन प्रोसेसिंग होती है। डायरेक्ट अप्लिकेशन फैसिलिटी भी ITD की तरफ से प्रोटीन और UTI की तरफ से दी जाती है। लेकिन, ज्यादातर अप्लिकेंशंस असिस्टेड मोड के जरिए आते हैं।

अगले दो साल तक बिजनेस को लेकर चिंता नहीं

प्रोटीन के मैनेजमेंट का कहना है कि कंज्यूमर विहेबियर में जल्द बदलाव नहीं आता है। इसलिए PAN 2.0 प्रोजेक्ट शुरू होने में कम से कम दो साल का वक्त है। इस बीच प्रोटीन की भूमिका में कमी आने की उम्मीद नहीं है। चौथी तिमाही में कंपनी के प्रॉफिट में साल दर साल आधार पर 5 फीसदी कमी आई है। लेकिन, पेंशन सर्विसेज की ग्रोथ अच्छी बनी हुई है। FY25 में पेंशन बिजनेस की ग्रोथ साल दर साल आधार पर 12 फीसदी बढ़ी है।

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क्या आपको निवेश करना चाहिए?

कंपनी के एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल को देखते हुए मौजूदा वैल्यूएशन अट्रैक्टिल लगता है। मार्च 2025 के अंत में कंपनी के पास 800 करोड़ रुपये का कैश रिजर्व था। कंपनी विदेश में सेवाएं ऑफर कर रही है। इसने मोरक्को में एजुकेशन-फोकस्ड डीपीआई-इन-ए-बॉक्स सॉल्यूशन शुरू किया है। इथोपिया में भी इसे ऑर्डर मिला है। इंटरनेशनल प्रोजेक्ट्स 10 लाख से एक करोड़ डॉलर के बीच का है। 27 मई को कंपनी का स्टॉक 2.17 फीसदी गिरकर 952.50 रुपये पर बंद हुआ।

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