शेयर बाजार में आई गिरावट से मायूस है? तो आपको कोड एडवाइजर्स के पार्टनर और फंड मैनेजर गौरव डिडवानिया की बात ध्यान से सुनने की जरूरत है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही लड़ाई के बीच उन्होंने भारत के बारे में बड़ी बात कही है।

शेयर बाजार में आई गिरावट से मायूस है? तो आपको कोड एडवाइजर्स के पार्टनर और फंड मैनेजर गौरव डिडवानिया की बात ध्यान से सुनने की जरूरत है। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही लड़ाई के बीच उन्होंने भारत के बारे में बड़ी बात कही है।
FY27 में इंडिया की ग्रोथ में बदलाव नहीं होगा
उन्होंने कहा कि भारत की ग्रोथ बढ़ाने वाले कारणों पर अभी कोई असर नहीं पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक विदेश में संकट बहुत ज्यादा नहीं बढ़ता है, इस वित्त वर्ष में भारत की ग्रोथ में ज्यादा बदलाव नहीं आएगा। मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इनवेस्टमेंट और स्टॉक मार्केट्स को लेकर कई खास बातें बताईं।
गिरावट के बीच खास शेयरों में निवेश के मौके
डिडवानिया ने कहा कि बाजार में अभी जिस तरह की गिरावट आई है, उसमें खास शेयरों में निवेश के बड़े मौके बनते हैं। लेकिन, यह समय आंख बंद कर खरीदारी करने का नहीं है। निवेश करने में शेयरों के चुनाव और कंपनी की बैलेंस शीट पर फोकस करना बहुत जरूरी है। सप्लाई घटने से क्रूड ऑयल की कीमतों में और तेजी आ सकती है। लेकिन, सप्लाई को लेकर समस्या लंबे समय तक जारी रहने पर ही क्रूड की कीमतें ऐसे लेवल पर बनी रहेंगी, जो ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ को पटरी से उतार सकती हैं।
बाजार में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना होगा
मिडिल ईस्ट क्राइसिस के बारे में उन्होंने कहा कि यह बताना मुश्किल है कि यह जियोपॉलिटिकल क्राइसिस कब तक चलेगा। लेकिन, ऐसा लगता है कि स्थिति बहुत ज्यादा खराब होने की जगह नियंत्रण में रहेगी। लेकिन, हमें बीच-बीच में बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना होगा। मार्च में शेयर बाजार में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इसमें मध्यपूर्व में चल रही लड़ाई का हाथ है। बाजार अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 15 फीसदी गिर चुके हैं।
इन सेक्टर्स में दिख रहे निवेश के मौके
हालिया गिरावट के बाद आपको कौन से सेक्टर्स अट्रैक्टिव लगते हैं? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि डोमेस्टिक साइक्लिकल्स और इंडिया की स्ट्रक्चरल ग्रोथ स्टोरी से जुड़े सेक्टर्स पॉजिटिव लगते हैं। कुछ फाइनेंशियल्स, इंडस्ट्रियल्स, कैपिटल गुड्स, पावर और पावर से जुड़ी थीम वाले शेयरों में मौके हैं। इसके अलावा करेक्शन के बाद कंजम्प्शन से जुड़ी कुछ कंपनियों के शेयर भी बेहतर लग रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी ट्रांजिशन ट्रेंड्स से जुड़े सेक्टर्स भी ठीक लग रहे हैं।
महंगे क्रूड की वजह से इनफ्लेशन बढ़ सकता है
मार्च और जून तिमाही की कंपनियों की अर्निंग्स के बारे में उन्होंने कहा कि अगर क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो इसका असर इनपुट कॉस्ट पर पड़ेगा। इससे इनफ्लेशन पर दबाव बढ़ सकता है। कई सेक्टर्स में मार्जिन में कमी आ सकती है। इसलिए अगली कुछ तिमाहियों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। लेकिन, हमें मार्जिन पर थोड़े समय का दबाव और अर्निंग्स साइकिल में बड़ी गिरावट के बीच फर्क करना पड़ेगा।
हिंदी में शेयर बाजार, स्टॉक मार्केट न्यूज़, बिजनेस न्यूज़, पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App डाउनलोड करें।