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Rajgor Castor IPO Listing: 18% प्रीमियम पर शेयरों की एंट्री, 107 गुना से अधिक भरा था इश्यू

Rajgor Castor Derivatives IPO Listing: कैस्टर ऑयल प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी राजगोर कैस्टर डेरिवेटिव्स (Rajgor Castor Derivatives) के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर एंट्री हुई। इस आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 107 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ के तहत नए शेयर जारी हुए हैं और ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत भी शेयरों की बिक्री हुई है

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 31, 2023 पर 4:29 PM
Rajgor Castor IPO Listing: 18% प्रीमियम पर शेयरों की एंट्री,  107 गुना से अधिक भरा था इश्यू
Rajgor Castor Derivatives IPO Listing: रागजोर कैस्टर डेरिवेटिव्स कैस्टर ऑयल से जुड़े प्रोडक्ट्स तैयार करती है। आज इसके शेयरों की NSE SME पर एंट्री हुई है।

Rajgor Castor Derivatives IPO Listing: कैस्टर ऑयल प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी राजगोर कैस्टर डेरिवेटिव्स (Rajgor Castor Derivatives) के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर शानदार एंट्री हुई। इस आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था और ओवरऑल 107 गुना से अधिक सब्सक्राइब हुआ था। आईपीओ के तहत 50 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 59 रुपये के भाव पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 18 फीसदी का लिस्टिंग गेन (Rajgor Castor Listing Gain) मिला। हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयर फिसल गए लेकिन फिर इसने स्पीड पकड़ी। उछलकर यह 61.95 रुपये के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी लेवल पर बंद भी हुआ यानी पहले दिन आईपीओ निवेशक 23.90 फीसदी मुनाफे में हैं।

Rajgor Castor Derivatives IPO को कैसा रिस्पांस मिला था

राजगोर कैस्टर डेरिवेटिव्स का 47.81 करोड़ रुपये का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 17 अक्टूबर से 20 अक्टूबर के बीच खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का तगड़ा रिस्पांस मिला था। ओवरऑल यह आईपीओ 107.43 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 35.52 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 260.01 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 80.70 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 88.95 लाख नए शेयर जारी हुए हैं और 6.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत बिक्री हुई है। नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और आईपीओ के खर्चों को भरने में होगा।

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