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RBI ने सरकार को रिकॉर्ड 2.86 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया, आपके ऊपर इसके 4 बड़े असर क्या होंगे?

आरबीआई का 2.86 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड सरकार के लिए राहत की खबर है। पहले कभी केंद्रीय बैंक ने केंद्र सरकार को इतना डिविडेंड नहीं दिया था। यह डिविडेंड ऐसे वक्त मिला है जब क्रूड ऑयल में उछाल से सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ा है

Market Deskअपडेटेड May 22, 2026 पर 5:40 PM
RBI ने सरकार को रिकॉर्ड 2.86 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया, आपके ऊपर इसके 4 बड़े असर क्या होंगे?
आरबीआई से मिला डिविडेंड सरकार के नॉन-टैक्स रेवेन्यू का हिस्सा है।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 22 मई को केंद्र सरकार के लिए डिविडेंड का ऐलान कर दिया। केंद्रीय बैंक ने केंद्र सरकार को रिकॉर्ड 2.86 लाख करोड़ रुपये का डिविडेंड दिया है। यह पिछले साल के डिविडेंड से करीब 7 फीसदी ज्यादा है। हालांकि, सरकार को 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डिविडेंड की उम्मीद थी।

1. वेल्फेयर स्कीम पर सरकार ज्यादा खर्च कर सकेगी

आरबीआई से मिला डिविडेंड सरकार के नॉन-टैक्स रेवेन्यू का हिस्सा है। ज्यादा डिविडेंड मिलने से सरकार के हाथ में वेल्फेयर स्कीम पर खर्च करने के लिए पर्याप्त पैसे होंगे। खासकर ऐसे वक्त में यह बहुत अहम है, जब क्रूड की कीमतों में उछाल से सरकार का इंपोर्ट बिल बढ़ा है।

2. सरकार कैपिटल एक्सपेंडिचर का टारगेट पूरा कर सकेगी

सरकार ने इस वित्त वर्ष में कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी पूंजीगत खर्च के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का टारगेट तय किया है। आरबीआई के डिविडेंड से सरकार को कैपिटल एक्सपेंडिचर का टारगेट पूरा करने में आसानी होगी। इसका मतलब है कि सरकार सड़क, रेलवे, मेट्रो जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा पैसे खर्च करेगी। इससे रोजगार के मौके बढ़ेंगे।

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