Realty shares on Budget day: बजट 2026 के दिन रियल्टी शेयरों में प्रॉफ़िट बुकिंग देखने को मिली। ऐसा तब हुआ जब इस सेक्टर ने बजट में अफ़ोर्डेबल हाउसिंग के लिए किसी बड़े पॉलिसी सपोर्ट की कमी को भापा। यहीं कारण रहा कि आज निफ़्टी रियल्टी इंडेक्स 2 फीसदी से ज़्यादा गिरा, जिससे पिछले चार सेशन में आई सारी बढ़त खत्म हो गई।
बजट के दौरान बाजार में आई तेज़ बिकवाली के दबाव के बीच निफ़्टी रियल्टी इंडेक्स के 10 में से 8 शेयर नीचे बंद हुए। उनमें लोढ़ा डेवलपर्स, शोभा , DLF, ओबेरॉय रियल्टी और सिग्नेचरग्लोबल जैसे शेयरों के नाम शामिल रहे। लोढ़ा डेवलपर्स और शोभा 5 फीसदी तक गिरावट के साथ सबसे ज्यादा टूटे। गोदरेज प्रॉपर्टीज़, DLF, ओबेरॉय रियल्टी और सिग्नेचरग्लोबल (इंडिया) उन दूसरे स्टॉक्स में शामिल थे जिनमें 5 फीसदी तक की गिरावट आई।
इंडस्ट्री बॉडी CREDAI ने बजट घोषणाओं पर निराशा जताई है। साथ ही अफ़ोर्डेबल हाउसिंग के लिए बजट में ठोस उपायों की कमी का भी हवाला दिया है।
CREDAI के नेशनल प्रेसिडेंट शेखर पटेल ने कहा CREDAI इस बात से बहुत निराश है कि बजट में अफ़ोर्डेबल हाउसिंग के लिए कुछ भी ठोस नहीं दिया गया है। अफ़ोर्डेबल हाउसिंग की मौजूदा पुरानी परिभाषा के साथ, CREDAI का अनुमान है कि इस सेगमेंट का हिस्सा कुल हाउसिंग सप्लाई में 18 फीसदी से घटकर लगभग 12 फीसदी हो सकता है। यह भारत के लोअर मिडिल क्लास और मिडिल क्लास के लिए एक गंभीर चेतावनी का संकेत है," ।
इस बीच, कुछ इंडस्ट्री प्लेयर्स ने कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और रीजनल डेवलपमेंट पर फोकस से लंबे समय में इस सेक्टर को सपोर्ट मिल सकता है।
बता दें कि यूनियन बजट 2026 ने पब्लिक कैपिटल खर्च को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये कर दिया और इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड शुरू करने की घोषणा की, जिससे सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित ग्रोथ पर फोकस और मजबूत हुआ।
इंडस्ट्री प्लेयर्स ने कहा कि इन उपायों से रियल एस्टेट सेगमेंट में एग्जीक्यूशन विजिबिलिटी और लिक्विडिटी में सुधार हो सकता है।
क्या कहते है बाजार दिग्गज
TREVOC ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर गुरपाल सिंह चावला ने कहा कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए फंडिंग पर जोर एक पॉजिटिव कदम था। उन्होंने कहा कि सिटी इकोनॉमिक रीजन्स फ्रेमवर्क और कैपिटल खर्च पर लगातार जोर देने से मेट्रो मार्केट से आगे रियल एस्टेट के फंडामेंटल्स धीरे-धीरे मजबूत होंगे, हालांकि तुरंत डिमांड पर असर सीमित हो सकता है।
गौर ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज गौर ने कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल स्टेबिलिटी पर जोर देने से हाल के सालों में सेक्टर में देखी गई तेजी को बनाए रखने में मदद मिलेगी।
वहीं काउंटी ग्रुप के डायरेक्टर अमित मोदी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड से फंडिंग का भरोसा बढ़ेगा और लंबे समय तक चलने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए एग्जीक्यूशन रिस्क कम होंगे।
हालांकि, एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा कि बजट ने रियल एस्टेट सेक्टर को सीमित सीधी राहत दी है, जिसका फायदा ज़्यादातर ज़्यादा कैपिटल खर्च और मैन्युफैक्चरिंग, MSMEs, टूरिज्म, ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन ट्रांज़िशन में संबंधित पहलों से मिलेगा।
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