Reliance Power के शेयरों में लगातार तीसरे दिन भारी गिरावट, अनिल अंबानी पर एक्शन से निवेशकों को लगा तगड़ा झटका

रिलायंस पावर (Reliance Power) और रिलायंस होम फाइनेंस (Reliance Home Finance) के शेयरों में मंगलवार 27 अगस्त को लगातर तीसरे दिन 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा। ये दोनों उद्योगपति अनिल अंबानी की अगुआई वाले ग्रुप की कंपनियां हैं। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने 22 अगस्त को अनिल अंबानी को शेयर मार्केट से 5 साल के लिए बैन करने का आदेश जारी किया था

अपडेटेड Aug 27, 2024 पर 3:06 PM
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SEBI ने रिलायंस होम फाइनेंस को छह महीने के लिए शेयर मार्केट से बैन कर दिया है

रिलायंस पावर (Reliance Power) और रिलायंस होम फाइनेंस (Reliance Home Finance) के शेयरों में मंगलवार 27 अगस्त को लगातर तीसरे दिन 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा। ये दोनों उद्योगपति अनिल अंबानी की अगुआई वाले ग्रुप की कंपनियां हैं। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने 22 अगस्त को अनिल अंबानी को शेयर मार्केट से 5 साल के लिए बैन करने का आदेश जारी किया था। इसी के बाद इन कंपनियों के शेयरों में गिरावट जारी है। अनिल अंबानी के साथ 24 अन्य लोगों को भी SEBI ने बैन किया है, जिनमें रिलायंस होम फाइनेंस के कई सीनियर अधिकारी भी शामिल हैं। इन लोगों पर रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड में पैसों के हेर-फेर करने का आरोप है।

सुबह 10.20 बजे के करीब, रिलायंस पावर के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 5% गिरकर अपनी लोअर सर्किट सीमा में लॉक हो गए थे और 31.11 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। रिलायंस होम फाइनेंस के शेयर भी 5.21 फीसदी गिरकर अपनी लोअर सर्किट सीमा पर थे और 4 रुपये के भाव पर ट्रेज कर रहे थे।

SEBI ने अनिल अंबानी पर 25 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अंबानी को किसी भी लिस्टेड कंपनी या SEBI के साथ रजिस्टर्ड किसी भी इकाई में डायरेक्टर या मैनेजमेंट में अहम पद लेने से भी 5 साल के लिए बैन कर दिया है। इसके अलावा बाकी 24 अन्य लोगों और एंटीटीज पर भी 21 करोड़ रुपये से लेकर 25 करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया गया है।


साथ ही रेगुलेटर ने रिलायंस होम फाइनेंस को छह महीने के लिए शेयर मार्केट से बैन कर दिया है और उस पर 6 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। SEBI ने 22 अगस्त को जारी को अपने 222 पन्नो के आदेश में कंपनी के मैनेजमेंट और प्रमोटर के लापरवाह रवैये का जिक्र किया, जिसके तहत उन्होंने ऐसी कंपनियों को सैकड़ों करोड़ रुपये के लोन मंजूर किए जिनके पास न तो एसेट्स थीं, न ही कैश फ्लो, ‘नेटवर्थ’ या रेवेन्यू था।

SEBI के इस एक्शन पर अनिल अंबानी के एक प्रवक्ता ने कहा कि अनिल अंबानी ने सेबी के 11 अगस्त 2022 के अंतरिम आदेश का पालन करते हुए रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पावर लिमिटेड के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था। बयान के अनुसार, वे ‘पिछले ढाई वर्षों से अंतरिम आदेश (11 फरवरी, 2022 के) का पालन कर रहे हैं। प्रवक्ता ने कहा, ‘अनिल अंबानी उस मामले में सेबी द्वारा पारित 22 अगस्त 2024 के अंतिम आदेश की समीक्षा कर रहे हैं और कानूनी सलाह के अनुसार अगला कदम उठाएंगे।’

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