
देश का दिग्गज कारोबारी समूह और निफ्टी के सबसे बड़े हैवीवेट रिलायंस इंजस्ट्रीज (Reliance Industries) के 31 दिसंबर 2022 को खत्म हुए वित्तवर्ष 2022-23 के तीसरी तिमाही के नतीजे शुक्रवार 20 जनवरी को बाजार बंद होने के बाद आएंगे। मनीकंट्रोल की तरफ से ब्रोकरेज्स के बीच कराए गए पोल से निकल कर आया है कि इस अवधि में कंपनी के रेवेन्यू और EBITDA ((earnings before interest, taxes, depreciation and amortisation) में डबल डिजिट ग्रोथ देखने को मिल सकता है।
अक्टूबर-दिसंबर 2022 तिमाही में रिलायंस इंजस्ट्रीज के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 4.4 फीसदी और तिमाही आधार पर 19.7 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है। इस अवधि में कंपनी का मुनाफा 16366 करोड़ रुपए पर रह सकता है। इस पोल से निकल कर आया है कि दिसंबर तिमाही में कंपनी की आय सालाना आधार पर 21 फीसदी की बढ़त के साथ 2.23 लाख करोड़ रुपए रह सकती है।
मनीकंट्रोल के पोल में शामिल अधिकांश ब्रोकरेज का राय है दिसंबर तिमाही में RIL के सभी कारोबारी सेग्मेंट्स में अच्छी ग्रोथ देखने को मिलेगी। लेकिन रिलायंस रिटेल और जियो की ग्रोथ पर बाजार का सबसे ज्यादा अटेंशन रहेगा।
जापानी ब्रोकरेज हाउस नोमुरा (Nomura) का कहना है कि RIL के तीसरी तिमाही के कंसोलीडेटेज एबिटडा में तिमाही आधार पर 10 फीसदी की तेजी देखने को मिल सकती है। कंपनी की एबिटडा को O2C (oil-to-chemical) कारोबार में आई रिकवरी, कंपनी को अपस्ट्रीम कारोबार में तेजी और कंपनी के खपत वाले कारोबारी सेग्मेंट में मजबूती से सपोर्ट मिलेगा।
एनर्जी बिजनेस
पिछली तिमाही में रिफाइंड प्रोडक्ट्स के एक्सपोर्ट पर केंद्र सरकार की तरफ से स्पेशल एडीशनल एक्साइज ड्यूटी लगाए जाने से कंपनी को 4039 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसके चलते साल दर साल आधार पर कंपनी के एनर्जी कारोबार की प्रॉफिट ग्रोथ सपाट रही है। हालांकि अब तक विंडफाल टैक्स में कई बार संशोधन हुआ है और इसको घटाया गया है। ऐसें में आगे कंपनी के O2C कारोबार की आय क्रमिक रूप से रिकवरी देखने को मिलेगी।
इस समय डीजल के निर्यात पर लगने वाला कर 5 रुपये प्रति लीटर है और एटीएफ (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) के विदेशी शिपमेंट पर 3.5 रुपये प्रति लीटर टैक्स लागू है।
ब्रोकरेज हाउस UBS का कहना है कि टैक्स में कमी आने की वजह से दिसंबर तिमाही में कंपनी एनर्जी कारोबार की अर्निंग में तिमाही आधार पर रिकवरी देखने को मिलेगी। इसके साथ ही रिफाइनिंग मार्जिन में भी बढ़त देखने को मिलेगा। हालांकि पेट्रोकेमिकल स्प्रेड में नरमी के चलते रिफाइनिंग मार्जिन की बढ़त सीमित रहेगी। Jefferies का मानना है कि दिसंबर तिमाही में रिलायंस के एनर्जी कारोबार की EBITDA 12893 करोड़ रुपए रह सकती है।
टेलीकॉम और रिटेल
एनालिस्ट्स का अनुमान है कि दिसंबर तिमाही में रिलायंस की टेलीकॉम शाखा Jio की ARPU (average revenue per user) पिछली तिमाही के 177 रुपए से बढ़कर 179 रुपए पर आ सकती है। इस अवधि में कंपनी के उपभोक्ताओं की संख्या में 70 लाख की बढ़त हो सकती है। इसके चलते जियो के एबिटडा में तीमाही आधार पर 3-4 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है। मनीकंट्रोल के पोल में शामिल ब्रोकरेज्स का अनुमान है कि दिसंबर तिमाही में जियो का EBITDA 12635 करोड़ रुपए रह सकता है।
उम्मीद है कि त्योहारी सीजन के दौरान ग्राहकों की संख्या में हुई बढ़त और ऑपरेटिंग लीवरेज के सपोर्ट के साथ रिलायंस रिटेल का मजबूत ग्रोथ जारी रहेगा। एफएमसीजी (फास्ट मूविंग कंज्यूमर गुड्स) ब्रांड इंडिपेंडेंस की लॉन्चिग और मेट्रो कैश एंड कैरी का अधिग्रहण पिछली तिमाही में कंपनी के रिटेल कारोबार के लिए बड़ी उपलब्धियां रहीं।
कल आने वाले नतीजों में निवेशको की नजर इस बात पर लगी रहेगी कि कंपनी अपने रिटेल कारोबार के आगे के विकास के लिए किस तरह की कार्ययोजना पेश करती है। एनालिस्ट्स का अनुमान है कि दिसंबर तिमाही में कंपनी के रिटेल कारोबार की एबिटडा में सालाना आधार पर 25-30 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इसके अलावा निवेशकों की नजरें एनर्जी बिजनेस और जियो के 5G रोलआउट की प्रगति से जुड़े ऐलानों पर भी लगी रहेंगी।
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