सरकारी बॉन्ड्स के सेकेंडरी मार्केट में 1 जून को 5,500 से ज्यादा ट्रेड्स हुए। लेकिन, 5 जून को मैच्योर होने वाले 10 साल के होलसेल प्राइस इंडेक्स (WPI) से लिंक्ड बॉन्ड में उसके पूरे जीवनकाल में सिर्फ 802 गुना कारोबार हुआ। 2014 की शुरुआत में Reserve Bank of India (RBI) के कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) पर अपना फोकस करने का नुकसान डब्ल्यूपीआई-इंडेक्स्ड बॉन्ड को उठाना पड़ा है। केंद्रीय बैंक ने जून 2013 में डब्ल्यूपीआई इनफ्लेशन से लिंक्ड इनफ्लेशन-इंडेक्स्ड बॉन्ड जारी करने शुरू किए थे। उस साल के अंत में ऐसे 6,500 करोड़ रुपये मूल्य के बॉन्ड्स की नीलामी हुई थी।
