SAIL ने तय किया 200 लाख टन बिक्री का नया लक्ष्य, ₹7000 करोड़ रुपये कर्ज घटाया, शेयर उछले

SAIL Shares: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने आने वाले वर्षों के लिए आक्रामक ग्रोथ प्लान तैयार किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 200 लाख टन बिक्री का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की 179 लाख टन बिक्री से काफी अधिक है

अपडेटेड Feb 11, 2026 पर 11:16 AM
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SAIL Shares: साल 2026 में अब तक कंपनी के शेयरों में करीब 9.20 फीसदी की तेजी आ चुकी है

देश की सबसे बड़ी सरकारी इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) ने आने वाले वर्षों के लिए आक्रामक ग्रोथ प्लान तैयार किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 200 लाख टन बिक्री का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की 179 लाख टन बिक्री से काफी अधिक है। बढ़ती घरेलू मांग और मजबूत ऑपरेशनल रणनीति के दम पर SAIL बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।

कर्ज घटाने पर फोकस, 9 महीने में 5,000 करोड़ रुपये चुकाए

वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के बाद हुई अर्निंग्स कॉन्फ्रेंस कॉल में डायरेक्टर (फाइनेंस) और डायरेक्टर (कॉमर्स) का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे डॉ एके पंडा ने बताया कि कंपनी ने अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान 5,000 करोड़ रुपये का कर्ज चुकाया। 31 दिसंबर 2025 तक कुल कर्ज 24,852 करोड़ रुपये रह गया था, जिसे जनवरी 2026 में 2,000 करोड़ रुपये और घटाया गया।

इस तरह कुल 7,000 करोड़ रुपये की कमी से कंपनी की ब्याज लागत घटी है और भविष्य के कैपेक्स (CAPEX) निवेश के लिए वित्तीय लचीलापन बढ़ा है। कंपनी का कहना है कि ऑपरेशनल दक्षता, इन्वेंट्री लिक्विडेशन, लागत अनुकूलन और मजबूत ट्रेजरी प्रबंधन ने बेहतर वित्तीय प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाई है।


बिक्री में 16% से ज्यादा बढ़ोतरी

कंपनी की मार्केटिंग रणनीति और रिटेल व नए ग्राहक समूहों पर फोकस का असर भी दिखने लगा है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान बिक्री वॉल्यूम में 16.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच कुल बिक्री 16.6 मिलियन टन रही। इन्वेंट्री कम करने से कैश फ्लो बेहतर हुआ है और वर्किंग कैपिटल की जरूरत घटी है, जिससे बैलेंस शीट मजबूत हुई है।

लागत में संरचनात्मक सुधार, ग्रीन एनर्जी पर जोर

SAIL लागत घटाने के लिए मैनपावर ऑप्टिमाइजेशन और ऑपरेशनल लिवर्स पर काम कर रही है। प्रति टन कार्मिक लागत में सुधार देखा गया है। साथ ही कंपनी रिन्यूएबल एनर्जी के अधिक इस्तेमाल की दिशा में कदम बढ़ा रही है, जिससे ऊर्जा लागत में लॉन्ग-टर्म बचत होगी और सस्टेनिबिलिटी लक्ष्यों को भी बल मिलेगा।

आगे की राह

डॉ. एके पंडा ने कहा कि कंपनी कर्ज में कमी, बेहतर इन्वेंट्री प्रबंधन और केंद्रित मार्केटिंग के जरिए विस्तार के लिए मजबूत नींव तैयार कर रही है। बढ़ती मांग, मजबूत कैपेक्स पाइपलाइन और ग्रीन स्टील पर फोकस के साथ SAIL को भरोसा है कि वह वित्त वर्ष 2025-26 में 200 लाख टन बिक्री का लक्ष्य हासिल करेगी और आने वाले वर्षों में इससे भी बड़े लक्ष्य तय करेगी।

शेयरों का हाल

SAIL के शेयर बुधवार 11 फरवरी को एनएसई पर करीब 1 फीसदी की तेजी के साथ 162.90 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। साल 2026 में अब तक कंपनी के शेयरों में करीब 9.20 फीसदी की तेजी आ चुकी है। वहीं पिछले एक साल में इसने निवेशकों को 62% का तगड़ा रिटर्न दिया है।

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