SEBI ने अनुग्रह स्टॉक सहित 6 संस्थाओं को शेयर बाजार से किया बैन, 8 करोड़ का भारी जुर्माना भी लगाया

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने बुधवार 1 मार्च को अनुग्रह स्टॉक एंड ब्रोकिंग (Anugrah Stock & Broking) सहित 6 एंटिटीज को शेयर बाजार में भाग लेने से 7 साल के लिए बैन कर दिया। इन सभी पर बिना मंजूरी लिए ग्राहकों को पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सेवाएं (PMS) देने के लिए कार्रवाई की गई है

अपडेटेड Mar 01, 2023 पर 8:00 PM
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SEBI ने बैन करने के अलावा इनपर कुल 8 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने बुधवार 1 मार्च को अनुग्रह स्टॉक एंड ब्रोकिंग (Anugrah Stock & Broking) सहित 6 एंटिटीज को शेयर बाजार में भाग लेने से 7 साल के लिए बैन कर दिया। इन सभी पर बिना मंजूरी लिए ग्राहकों को पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सेवाएं (PMS) देने के लिए कार्रवाई की गई है। इसके अलावा सेबी ने अनुग्रह स्टॉक, उसके डायरेक्टरों और सहयोगी फर्मों पर कुल 8 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने की राशि को 45 दिनों के अंदर जमा करने का आदेश दिया गया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने एक रिपोर्ट में ये जानकारी दी है।

सेबी ने जिन अन्य 5 एंटिटीज को बैन किया है, उसमें ब्रोकरेज हाउस के डायरेक्टर्स- परेश मुलजी करिया और साधना परेश करिया, तेजी मंजी एनालिटिक्स और उसके डायरेक्टर्स- अनिल गोपाल गांधी और अनुग्रह स्टॉक की सहयोगी इंटिटी ओम श्री साई इनवेस्टमेंट्स शामिल हैं।

ये चारों एंटीजज अपने संभाविक ग्राहकों को निश्चित रिटर्न देने का वादा करते हुए डेरिवेटिव एडवाइजर सर्विसेज (DAS) मुहैया कराती थी। यह काफी हद तक पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विस (PMS) जैसा ही है। सेबी ने मंगलवार को अपने 60 पन्नों के एक आदेश में कहा कि वे PMS नियमों के तहत जरूरी रजिस्ट्रेशन कराए इन गतिविधियां में शामिल थे।


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सेबी ने आगे कहा कि इन संस्थाओं ने स्टॉक ब्रोकर्स मानदंड, PFUTP (प्रॉहिबिशन ऑफ फ्रॉड एंड अनफेयर ट्रेड प्रैक्टिसेज) रूल्स और PMS रूल्स सहित कई नियमों का उल्लंघन किया है।

अन्य लोगों में दो एंटिटीज - तेजी मंडी एनालिटिक्स और इसके डायरेक्ट अनिल गोपाल गांधी, को 5 साल की अवधि के लिए शेयर बाजार से बैन कर दिया गया है। वहीं बाकी 4 एंटिटीज को 7 साल के लिए शेयर बाजार से बैन कर दिया गया है।

सेबी ने अपनी जांच में पाया कि अनुग्रह स्टॉक के एक सब-ब्रोकर, तेजी मंडी एनालिटिक्स और उसके डायरेक्टर अनिल गोपाल गांधी ने DAS सेवा देने में मुंबई स्थित अनुग्रह स्टॉक को सहायता दी, जिसमें ग्राहकों को सुनिश्चित रिटर्न का वादा किया गया था।

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