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SEBI का शेयर बाजार के 'नकली गुरुओं' पर चला हथौड़ा, लाइव ट्रेडिंग के नाम पर अब नहीं हो पाएगा ये खेल

मार्केट रेगुलेटर SEBI ने शेयर बाजार से जुड़े कंटेंट बनाने वाले फिनफ्लुएंसर्स (Finfluencers) को करारा झटका दिया है। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने साफ किया कि ऐसे लोग अब शेयर बाजार से जुड़ी एजुकेशन देते समय अब लाइव मार्केट डेटा के इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं और उन्हें तीन महीने पुराने स्टॉक प्राइस का इस्तेमाल करना होगा

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jan 30, 2025 पर 12:35 PM
SEBI का शेयर बाजार के 'नकली गुरुओं' पर चला हथौड़ा, लाइव ट्रेडिंग के नाम पर अब नहीं हो पाएगा ये खेल
SEBI ने 29 जनवरी की देर रात 'इनवेस्टर्स एजुकेटर्स' को लेकर अपने जारी पिछले सर्कुलर पर स्पष्टीकरण जारी किया

मार्केट रेगुलेटर SEBI ने 'लाइव ट्रेडिंग सेशन' के जरिए शेयर बाजार में पैसा कमाने का तरीका बताने वाले 'स्टॉक मार्केट गुरुओं' पर कड़ा शिकंजा कस दिया है। सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने एक नया सर्कुलर जारी कर यह साफ कर दिया कि अब लाइव-मार्केट ट्रेडिंग के नाम पर स्टॉक टिप्स देने वाले अनरजिस्टर्ड ‘मार्केट गुरुओं’ की दुकान बंद हो जाएगी। बीते कुछ सालों में, अवधूत साठे ट्रेडिंग अकादमी (ASTA) और अस्मिता पटेल ग्लोबल स्कूल ऑफ ट्रेडिंग जैसी कई संस्थाएं अपनी लाइव ट्रेडिंग के जरिए काफी लोकप्रिय हुई थीं।

SEBI का यह नया सर्कुलर ऐसे समय में आया है, जब शेयर बाजार में रिटेल यानी छोटे निवेशकों की संख्या अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। कोरोना महामारी के बाद से ही रिटेल निवेशकों की संख्या में जबरदस्त उछाल देखा गया था। घर बैठे मिनटो में ऑनलाइन डीमैट खाते खुलने की सुविधा ने इस रुचि को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। इसी बढ़ती दिलचस्पी ने कई नए लोगों का कमाई का भी मौका दिया।

सोशल मीडिया पर कई लोग खुद को ‘फिनफ्लुएंसर’ के रूप में पेश करने लगे। पहले ये सिर्फ शेयर मार्केट से जुड़े टर्म और प्रक्रियाओं की व्याख्या करते थे, लेकिन जल्द ही इनमें से कई ने स्टॉक टिप्स देना शुरू कर दिया। इनके अलावा कई ऐसीी संस्थाएं भी आ गईं, जो लोगों को निवेश से आगे बढ़कर ट्रेडिंग करना सीखाने लगीं।

इन संस्थाओं के लिए सबसे बड़ा आकर्षक का जरिया था लाइव मार्केट ट्रेडिंग। इस लाइव मार्केट ट्रेडिंग में एक मार्केट गुरु अपने ट्रेडिंग टर्मिनल या एक बड़ी स्क्रीन पर लाइव ट्रेडिंग करता था, जिसे उसके स्टूडेंट्स हूबहू कॉपी करते थे। इसका नतीजा यह हुआ कि, ऐसे लोग जो SEBI के पास इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स या रिसर्च एनालिस्ट्स के रूप में रजिस्टर्ड नहीं हैं, वे भी निवेश सलाह या ट्रेडिंग कॉल दे रहे थे।

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