Get App

SEBI ने म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों के लिए नॉमिनेशन की समयसीमा फिर से बढ़ाई

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने एक बार फिर म्यूचुअल फंड (MF) और शेयर बाजार से जुड़े निवेशकों के लिए नॉमिनेशन तय करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। मार्केट रेगुलेटर की तरफ से 27 दिसंबर को जारी सर्कुलर के मुताबिक, अब यह समयसीमा बढ़ाकर 30 जून, 2024 कर दी गई है, जो पहले 31 दिसंबर, 2023 थी

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 27, 2023 पर 9:19 PM
SEBI ने म्यूचुअल फंड और डीमैट खातों के लिए नॉमिनेशन की समयसीमा फिर से बढ़ाई
इनवेस्टर की मृत्यु हो जाने के बाद उनके करीबियों को संपत्ति ट्रांसफर करने में नॉमिनेशन की अहम भूमिका होती है।

मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने एक बार फिर म्यूचुअल फंड (MF) और शेयर बाजार से जुड़े निवेशकों के लिए नॉमिनेशन तय करने की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। मार्केट रेगुलेटर की तरफ से 27 दिसंबर को जारी सर्कुलर के मुताबिक, अब यह समयसीमा बढ़ाकर 30 जून, 2024 कर दी गई है, जो पहले 31 दिसंबर, 2023 थी। निवेशकों को अब 30 जून, 2024 तक अपने निवेश पर नॉमिनेशन का विकल्प चुनना होगा या घोषणा पत्र जारी कर नॉमिनेशन का विकल्प नहीं चुनने का ऐलान करना होगा।

सेबी के सर्कुलर में कहा गया है, 'बाजार के भागीदारों से मिले सुझावों और निवेशकों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए डीमैट खातों और म्यूचुअल फंड के फोलियो के लिए 'चॉइस ऑफ नॉमिनेशन' फॉर्म सौंपने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 30 जून, 2024 कर दी गई है।' बहरहाल, यह पहली बार नहीं है, जब सेबी ने इस मामले में समयसीमा बढ़ाई है। कुछ महीने पहले यह समयसीमा 30 सितंबर, 2023 थी, जिसे सेबी ने बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2023 कर दिया था।

चूंकि कई निवेशकों ने अपना नॉमिनेशन समय पर नहीं भरा है, लिहाजा समयसीमा बढ़ाए जाने से उनका म्यूचुअल फंड फोलियो या डीमैट खाता फ्रीज नहीं होता है। अगर उनका म्यूचुअल फंड फोलियो या डीमैट खाता फ्रीज कर दिया जाता है, तो वे अपने फोलियो या डीमैट खाते से रिडेम्प्शन/निकासी करने में सक्षम नहीं होंगे। रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (RTA) CAMS के मुताबिक, सितंबर 2023 तक तकरीबन 25 लाख पैनधारकों ने अपने म्यूचुअल फंड फोलियो में अपना नॉमिनेशन अपडेट नहीं किया था।

इनवेस्टर की मृत्यु हो जाने के बाद उनके करीबियों को संपत्ति ट्रांसफर करने में नॉमिनेशन की अहम भूमिका होती है। नॉमिनेशन नहीं होने पर संपत्ति के ट्रांसफर की प्रक्रिया काफी जटिल हो जाती है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें