'Baap of Chart' के ऑपरेटर्स पर चला SEBI का चाबुक, ₹18.41 करोड़ वसूलने का आदेश

SEBI ने अनरजिस्टर्ड निवेश सलाहकार प्लेटफॉर्म ‘Baap of Chart’ के ऑपरेटरों से ₹18.41 करोड़ वसूलने का आदेश दिया। इसमें जुर्माना, ब्याज और कानूनी लागत शामिल है। जानिए पूरी डिटेल।

अपडेटेड Aug 25, 2025 पर 10:18 PM
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‘Baap of Chart’ प्लेटफॉर्म सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय था।

मार्केट रेगुलेटर SEBI ने एक अनरजिस्टर्स इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी प्लेटफॉर्म- ‘Baap of Chart’ के ऑपरेटरों से ₹18.41 करोड़ वसूलने का आदेश जारी किया है। यह प्लेटफॉर्म सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रिय था। इस आदेश में मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी, राहुल राव पद्मति और गोल्डन सिंडिकेट वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड को मुख्य डिफॉल्टर के रूप में नामित किया गया है।

इस वसूली रकम में जुर्माना, ब्याज और जांच की लागत शामिल हैं, जो SEBI (Investment Advisers) Regulations का उल्लंघन करने के कारण लागू की गई थी। पहले SEBI ने इन पर निर्देश दिया था कि वे निवेशकों से लिए पैसे वापस करें और अनरजिस्टर्स एडवाइजरी सर्विसेज बंद करें। लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज किया, इसलिए SEBI ने वसूली आदेश और कानूनी कार्रवाई की।

जुर्माना भरने के लिए दिया नोटिस


₹18.41 करोड़ के वसूली आदेश के साथ ही मामले से जुड़े अन्य व्यक्तियों के खिलाफ भी अतिरिक्त नोटिस जारी किए गए हैं। मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी को ₹21,21,000 का जुर्माना भरने का आदेश मिला है। वहीं,जादव वामसी को ₹12,36,553 और राहुल राव पद्मति को ₹2,19,000 का नोटिस जारी किया गया है।

इसके अलावा, 29 मई को SEBI ने डिमांड नोटिस और 8 जुलाई को अटैचमेंट नोटिस जारी कर आरोपी के बैंक और डीमैट अकाउंट फ्रीज कर दिए थे। अभी तक भुगतान न होने के कारण SEBI ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए वसूली कार्रवाई शुरू की है। अगर आरोपियों ने अपनी मर्जी से भुगतान नहीं किया गया, तो सेबी उनकी संपत्तियों को बेचने या नीलामी कराने के लिए कदम उठा सकता है।

सेबी ने किस वजह से लिया एक्शन?

‘Baap of Chart’ मामला SEBI की उन प्रमुख कार्रवाइयों में से एक है, जहां अनरजिस्टर्स इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स को टारगेट किया गया। 2023 में SEBI ने पाया कि इस प्लेटफॉर्म के ऑपरेटर बिना रजिस्ट्रेशन के स्टॉक मार्केट टिप्स और इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजी दे रहे थे। इन सर्विसेज का सोशल मीडिया पर प्रचार रिटेल इन्वेस्टमेंट के लिए काफी रिस्की था।

पिछले साल दिसंबर में SEBI WTM ने आदेश में कहा कि मोहम्मद नसीरुद्दीन अंसारी ने ग्राहकों को 'बेहतर रिटर्न' का झूठा भरोसा दिया और जनवरी 2021 से जुलाई 2023 के बीच ₹2.89 करोड़ के ट्रेडिंग लॉस को छिपाया। अंसारी ने बिना रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के निवेश सलाह दी और कोर्स फीस के जरिए पैसा जुटाने के लिए 'भारी रिटर्न' का वादा किया। उनके यूट्यूब ट्रेलर वीडियो का मकसद भी निवेशकों को अपने जाल में फंसाकर मार्केट में ट्रेडिंग के लिए उकसाना था।

ट्रेडिंग गुरु पर भी कसा था शिकंजा

पिछले दिनों SEBI ने मुंबई में मार्केट इंफ्लुएंसर और ट्रेडिंग गुरु अवधूत साठे के खिलाफ बड़ा सर्च ऑपरेशन किया था। साठे का YouTube चैनल 9.37 लाख सब्सक्राइबर तक पहुंच चुका है, जहां वे मार्केट एनालिसिस, चार्ट पैटर्न और निवेश रणनीतियों को साझा करते हैं।

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Sebi ने उनकी Karjat Trading Academy पर दो दिन तक छापेमारी की। क्योंकि उनके कुछ प्रोग्राम्स और क्लासेस के संबंध में शिकायतें मिली थीं कि वे पेनी स्टॉक्स प्रमोट करने वाले ऑपरेटरों के साथ मिलकर रिटेल निवेशकों को गुमराह कर सकते हैं। SEBI के फुल टाइम मेंबर कमलेश वार्ष्णेय ने बताया था कि यह कार्रवाई बाजार अनुशासन को मजबूत करने के व्यापक अभियान का हिस्सा है और इसका मकसद गलत काम करने वालों में डर पैदा करना है।

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