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सेबी की सख्ती F&O पर भारी! 16 महीने के निचले स्तर पर आई ट्रेडर्स की दिलचस्पी

स्पेक्यूलेटिव ट्रेडिंग को रोकने और खुदरा भागीदारी को कम करने के लिए सेबी की सख्ती मार्केट पर भारी पड़ रही है। दिसंबर में इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में औसतन दैनिक कारोबार (ADTV) गिरकर 16 महीने के न्यूनतम स्तर पर आ गया। इसके विपरीत लगातार पांच महीने से गिर रहा कैश मार्केट टर्नओवर दिसंबर में मासिक आधार पर 4.4 फीसदी बढ़ गया

Edited By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Jan 01, 2025 पर 4:33 PM
सेबी की सख्ती F&O पर भारी! 16 महीने के निचले स्तर पर आई ट्रेडर्स की दिलचस्पी
रिटेल ट्रेडर्स को बढ़ते घाटे से बचाने के लिए सेबी ने बड़े कॉन्ट्रैक्ट साइज, मार्जिन में बढ़ोतरी और ट्रेड वाले प्रोडक्ट्स की संख्या में कटौती की। इसके चलते ट्रेडिंग वॉल्यूम कम हुआ।

स्पेक्यूलेटिव ट्रेडिंग को रोकने और खुदरा भागीदारी को कम करने के लिए सेबी की सख्ती मार्केट पर भारी पड़ रही है। दिसंबर में इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में औसतन दैनिक कारोबार (ADTV) गिरकर 16 महीने के न्यूनतम स्तर पर आ गया। इसके विपरीत लगातार पांच महीने से गिर रहा कैश मार्केट टर्नओवर दिसंबर में मासिक आधार पर 4.4 फीसदी बढ़ गया। दिसंबर महीने में बीएसई और एनएसई पर एफएंडओ सेगमेंट में ए़डीटीवी गिरकर 280 लाख करोड़ रुपये पर आ गया जो अगस्त 2023 के बाद सबसे कम है और नवंबर 2024 की तुलना में 36.56 फीसदी कम है। सबसे अहम यह है कि दिसंबर महीने में वॉल्यूम की तुलना सितंबर के आंकड़ों से करें तो इसमें 48 फीसदी तक की गिरावट है। इंडेक्स फ्यूचर्स का टर्नओवर लगातार दूसरे मगीना गिरा जबकि स्टॉक फ्यूचर्स, इंडेक्स ऑप्शंस और स्टॉक्स ऑप्शंस में लगातार तीसरे महीने गिरावट रही।

ट्रेडर्स के घटते रुझान पर क्या कहना है एक्सपर्ट का?

रिटेल ट्रेडर्स को बढ़ते घाटे से बचाने के लिए सेबी ने बड़े कॉन्ट्रैक्ट साइज, मार्जिन में बढ़ोतरी और ट्रेड वाले प्रोडक्ट्स की संख्या में कटौती की। इसके चलते ट्रेडिंग वॉल्यूम कम हुआ। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर अनिश्चितताओं और घरेलू मार्केट में भारी उतार-चढ़ाव के चलते ट्रेडर्स ने सतर्क रुझान अपनाया और इस वजह से डेरिवेटिव्स मार्केट में भागीदारी कम हुई। एसएएस ऑनलाइन के फाउंडर और सीईओ श्रेय जैन के मुताबिक बाजार नियामक सेबी के नए नियमों के चलते ट्रेडर्स सावधानी बरत रहे हैं और डेरिवेटिव्स सेगमेंट में कारोबार में बड़ी गिरावट आई। उनका कहना है कि वीकली डेरिवेटिव्स के लिए 1 जनवरी से बड़े कॉन्ट्रैक्ट साइज की शुरुआत हो रही है जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम और कम हो सकता है।

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