घरेलू फ्रंटलाइन इंडेक्स एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 ने ऑलटाइम हाई लगाने के बाद लगातार दो दिनों तक धीमी चाल का प्रदर्शन किया। इस ठहराव के बावजूद विश्लेषकों का कहना है कि बाजार शॉर्ट टर्म में मामूली करेक्शन के बाद फिर से तेजी पकड़ता दिख सकता है। क्योंकि मैक्रोज़ अनुकूल बने हुए हैं। कारोबार के अंत में, 12 दिसंबर को एसएंडपी बीएसई सेंसेक्स 377 अंक या 0.54 फीसदी गिरकर 69,551 के स्तर पर बंद हुआ है। जबकि एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 90 अंक या 0.43 फीसदी गिरकर 20906 के स्तर पर बंद हुआ है।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के दीपक जसानी ने कहा कि हमें बाजार में लगातार तेजी देखने को मिली है। इक्विटी बाजारों के लिए इतनी तेजी के बाद मामूली करेक्शन सामान्य बात है। इस अल्पकालिक राहत की सांस लेने के बाद बाजार नई दौड़ लगाता दिखेगा। पिछले कुछ दिनों के दौरान हमें निवेशकों के बीच दिन-ब-दिन कुछ थकान आती दिखी है। विदेशी निवेशक भी निष्क्रिय बने हुए हैं।
शॉर्ट टर्म में बाजार में साइडवेज़ ट्रेडिंग रहेगी जारी
वेंचुरा सिक्योरिटीज के विनीत बोलिंजकर को उम्मीद है कि शॉर्ट टर्म में बाजार में साइडवेज़ ट्रेडिंग जारी रहेगी क्योंकि घरेलू बाजारों की हालिया रैली के बारे में सामान्य चिंता ये थी कि बहुत कम समय में इतनी तेजी आई है। ऐसे में हमें बाजार में यहां से कुछ कंसोलीडेशन देखने को मिल सकता है। उसके बाद बाजार फिर रफ्तार पकड़ेगा। उनका मानना है कि बाजार में बहुत सारा रुका पैसा पड़ा हुआ है और यह अंतरिम बजट 2024 से पहले दिसंबर के अंत या जनवरी की शुरुआत में इक्विटी में बाजार में आता दिखेगा।
भारतीय बाजार का लॉन्ग टर्म आउटलुक काफी अच्छा
बोलिंजकर ने आगे कहा कि दूसरे उभरते बाजारों के मुकाबले भारत के फंडामेंटल्स काफी मजबूत है जिसके चलते भारतीय बाजार का लॉन्ग टर्म आउटलुक काफी अच्छा दिख रहा है। उनका मानना है कि लंबी अवधि में उभरते बाजारों में विदेशी निवेश बढ़ने की उम्मीद है। इससे भारत को इस पैक में सबसे ज्यादा फायदा होगा। निवेशकों के पास भारत में निवेश करने के अलावा कोई विकल्प नहीं होगा क्योंकि यह 6-7 फीसदी की दर से बढ़ रही है अर्थव्यवस्था है जिसका दूसरे उभरे बाजारों में अभाव है।
गिरावट में खरीदारी की ट्रेडिंग रणनीति अपनाने की सलाह
बाजार जानकारों का कहना है कि अब आज आने वाले नवंबर महीने भारत के रिटेल महंगाई आंकड़ों और अमेरिका से आने वाले सीपीआई-आधारित रिटेल महंगाई आंकड़ों पर बाजार की नजर होगी। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर रुख पर भी बाजार नजर रखेगा। इस स्थिति में बाजार जानकारों की गिरावट में खरीदारी की ट्रेडिंग रणनीति अपनाने की सलाह है।
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