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Sensex में 700 प्वाइंट्स की रिकवरी, 3 वजहों से Nifty फिर 23600 के पार

Sensex-Nifty sharp recovery: शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी आज धड़ाम हो गए लेकिन कारोबार आगे बढ़ने पर कुछ सेक्टर्स में रौनक के दम पर पूरे गिरावट की रिकवरी हो गई। जानिए कौन-से सेक्टर्स मार्केट को नीचे खींच रहे हैं तो कौन ऊपर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं और मार्केट में इस रिकवरी ती तीन मुख्य वजहें क्या हैं

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड May 20, 2026 पर 12:14 PM
Sensex में 700 प्वाइंट्स की रिकवरी, 3 वजहों से Nifty फिर 23600 के पार
Sensex-Nifty sharp recovery: शुरुआती गिरावट से उबरते हुए सेंसेक्स-निफ्टी ने अधिकतर घाटे की भरपाई कर ली।

Sensex-Nifty Recovers: रुपये की कमजोरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल के चलते शुरुआती कारोबार में ही आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी धड़ाम हो गए। हालांकि निचले स्तर से इनमें जोरदार रिकवरी आई और पूरा घाटा रिकवर हो गया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 650 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया था तो दूसरी तरफ निफ्टी फिसलकर 23400 के नीचे आ गया था। फिलहाल 11:50 AM पर सेंसेक्स 37.62 प्वाइंट्स यानी 0.05% की मामूली बढ़त के साथ 75,238.47 और निफ्टी 20.30 प्वाइंट्स यानी 0.09% के उछाल के साथ 23,638.30 पर है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 671.44 प्वाइंट्स टूटकर 74,529.41 तक आ गया था जिससे 715.23 रिकवर होकर यह 75,244.64 तक पहुंच गया तो निफ्टी 50 भी 220.7 प्वाइंट्स गिरकर 23,397.30 तक आ गया था जिससे यह 242.95 प्वाइंट्स रिकवर होकर 23,640.25 तक चढ़ गया।

ब्रोडर लेवल पर बात करें तो मिडकैप स्टॉक्स ने जोरदार रिकवरी की और निफ्टी मिडकैप 100 शुरुआती 1% के करीब की गिरावट से उबरते हुए अब ग्रीन हो गया। हालांकि स्मॉलकैप स्टॉक्स में अभी भी दबाव है और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में शुरुआती कारोबार में 1% से अधिक की गिरावट आई थी लेकिन अब इसमें आधे फीसदी से भी भी कम गिरावट है।

सेक्टरवाइज बात करें तो निफ्टी ऑटो मार्केट को ऊपर लाने की कोशिशें कर रहा है और 1% की शुरुआती गिरावट से उबरते हुए अब निफ्टी ऑटो करीब 1% मजबूत हो गया है। निफ्टी पीएसयू बैंक भी 1% से अधिक की गिरावट से उबरते हुए अब ग्रीन हो गया है। निफ्टी आईटी भी ग्रीन है। हालांकि निफ्टी एफएमसीजी में आधे फीसदी से अधिक की गिरावट है तो निफ्टी मेटल भी अभी लाल है।

Why Market Recovers: इन वजहों से मार्केट में रिकवरी

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