Service Care IPO Listing: खुदरा निवेशकों ने लगाए थे जमकर पैसे, लेकिन 6% लिस्टिंग गेन के बाद फिसले शेयर

Service Care IPO Listing: सर्विस केयर के आईपीओ में खुदरा निवेशकों ने जमकर पैसे लगाए थे और उनके हिस्से को सबसे अधिक बोली मिली थी। अब आज इसकी मार्केट में एंट्री हुई है। इस इश्यू के तहत सिर्फ नए शेयर जारी हुए हैं यानी कि ऑफर फॉर सेल (OFS) विंडों के तहत शेयरों की बिक्री नहीं हुई है। जानिए कि आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी

अपडेटेड Jul 26, 2023 पर 5:24 PM
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    Service Care IPO Listing: सर्विस केयर के आईपीओ में खुदरा निवेशकों ने जमकर पैसे लगाए थे और उनके हिस्से को सबसे अधिक बोली मिली थी। अब इसकी मार्केट में धांसू एंट्री ने उनके फैसले को सही साबित किया है। इसके शेयर आईपीओ निवेशकों को 67 रुपये के भाव (Service Care Issue Price) पर जारी हुए थे। अब एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म NSE SME पर इसकी एंट्री 70.90 रुपये पर हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को करीब 6 फीसदी लिस्टिंग गेन मिला। हालांकि लिस्टिंग के बाद शेयरों में गिरावट आई और दिन के आखिरी में 69 रुपये (Service Care Share Price) पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में तो यह 67.35 रुपये तक टूट गया था।

    Service Care IPO में खुदरा निवेशकों ने खूब लगाया पैसा

    सर्विस केयर का 20.68 करोड़ रुपये का आईपीओ 14-18 जुलाई के बीच खुला था। इस आईपीओ में खुदरा निवेशकों ने जमकर पैसे लगाए थे। ओवरऑल यह इश्यू 6.44 गुना सब्सक्राइब हुआ था जिसमें क्वालिफाईड इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (QIB) का हिस्सा 5.10 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का 2.64 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 10.54 गुना भरा था। इस इश्यू के तहत 67 रुपये के भाव में 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 30.86 लाख नए इक्विटी शेयर जारी हुए हैं। अब इन शेयरों को जारी कर जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की बढ़ी हुई जरूरतों, आईपीओ के खर्चों को भरने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

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    Service Care के बारे में

    यह कंपनी वर्कस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन और मैनेजमेंट सर्विसेज मुहैया कराती है। वर्कस्पेस एडमिनिस्ट्रेशन सर्विसेज के तहत यह फैसिलिटी मैनेजमेंट की प्रोफेशनल सेवाएं देती है। वहीं वर्कस्पेस मैनेजमेंट सर्विसेज के तहत यह HRMS और HROS सर्विसेज देती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2021 में इसे 23.46 लाख रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था जो अगले वित्त वर्ष बढ़कर 1.74 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष अप्रैल 2022 से जनवरी 2023 तक इसे 3.02 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ था। इस दौरान इसका स्टैंडएलोन रेवेन्यू भी लगातार बढ़ा है और 89.33 करोड़ रुपये से 132.17 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

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