लाल निशान में खुलने के बाद हरा हुआ बाजार, सेंसेक्स दिन के लो से 520 अंक तक उछला; 6 कारणों से लौटी तेजी

शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर शेयर खरीदने में दिलचस्पी दिखाई। एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। सोमवार, 27 अप्रैल को सेंसेक्स 639.42 अंक उछलकर 77,303.63 पर बंद हुआ था

अपडेटेड Apr 28, 2026 पर 11:30 AM
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मार्केट के उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला India VIX 3 प्रतिशत गिरकर लगभग 18 के स्तर पर आ गया।

28 अप्रैल को शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन तेजी दिख रही है। हालांकि बाजार ने शुरुआत लाल निशान में की लेकिन फिर यह हरे निशान में आ गया। सेंसेक्स गिरावट के साथ 77,094.79 पर खुला। इसके बाद पिछली क्लोजिंग से 330 अंकों तक लुढ़ककर 76,973.54 के लो तक गया। फिर यह इस लो से 520 अंक रिकवर हुआ और 77,493.53 के हाई तक गया।

इसी तरह निफ्टी भी गिरावट के साथ 24,049.90 पर खुला और फिर पिछली क्लोजिंग से 93.45 अंक गिरकर 23,999.25 के लो तक गया। बीच में इसने 24,181.80 का हाई भी देखा। इस रिबाउंड के पीछे मुख्य कारण क्या हैं, आइए जानते हैं...

वैल्यू बाइंग


शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर शेयर खरीदने में दिलचस्पी दिखाई। बेंचमार्क इंडेक्स सोमवार को लगभग 1 प्रतिशत ऊपर चढ़े थे, जिससे तीन दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला टूट गया। इस बात ने भी बाजार के सेंटीमेंट को सहारा दिया।

India VIX में गिरावट

मार्केट के उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाला India VIX 3 प्रतिशत गिरकर लगभग 18 के स्तर पर आ गया। यह दर्शाता है कि बाजार में अनिश्चितता और जोखिम की आशंका कम हुई है, जो आमतौर पर इक्विटी बाजार के लिए अच्छा माना जाता है।

वैश्विक बाजारों की मजबूती

एशियाई बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का Nikkei 225, शंघाई का SSE Composite, जकार्ता कंपोजिट और हांगकांग का Hang Seng गिरावट में कारोबार कर रहे थे। वहीं दक्षिण कोरिया का Kospi ऊपर था। अमेरिका में S&P 500 और Nasdaq 27 अप्रैल को नए रिकॉर्ड स्तरों पर बंद हुए। हालांकि यूरोपीय बाजारों में गिरावट रही।

फेडरल रिजर्व की मीटिंग

अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व का बेंचमार्क ब्याज दरों पर फैसला 29 अप्रैल को सामने आएगा। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की मीटिंग 28 अप्रैल से शुरू होगी। उम्मीद की जा रही है कि ब्याज दरें अपरिवर्तित रहेंगी। अमेरिका में दरों का स्थिर रहना आमतौर पर भारत जैसे उभरते बाजारों के लिए सकारात्मक माना जाता है, क्योंकि इससे विदेशी निवेश बरकरार रखने में मदद मिलती है।

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भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी

ईरान ने महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के आसपास तनाव कम करने का प्रस्ताव दिया है। लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं, जिनका संबंध अमेरिका से है। भू-राजनीतिक जोखिम में किसी भी तरह की कमी से आमतौर पर वैश्विक स्तर पर निवेशकों का सेंटीमेंट बेहतर होता है।

Nifty एक्सपायरी का दिन

मंगलवार को Nifty की एक्सपायरी का दिन होने के कारण भी बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला। ऐसे दिनों में, ट्रेडर्स अपनी पोजिशन को एडजस्ट या रोल ओवर करते हैं, जिसके चलते इंट्राडे ट्रेडिंग के दौरान बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।

एक दिन पहले कैसा रहा था बाजार का हाल

सोमवार, 27 अप्रैल को सेंसेक्स 639.42 अंक या 0.83 प्रतिशत उछलकर 77,303.63 पर बंद हुआ था। निफ्टी 194.75 अंक या 0.81 प्रतिशत बढ़कर 24,092.70 पर बंद हुआ था। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 2 प्रतिशत चढ़ गया, जबकि मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.35 प्रतिशत की तेजी पर रहा। शुक्रवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 8,827.87 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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