सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (SCI) के शेयरों में 5 अक्टूबर को अच्छी तेजी देखने को मिल रही है। सुबह के कारोबार में शेयर 11 प्रतिशत तक उछला। इस तेजी की वजह कंपनी के प्राइवेटाइजेशन की दिशा में सरकार की ओर से जल्द ही अगला कदम उठाए जाने की खबर है। एक दिन पहले खबर आई थी कि केंद्रीय वित्त मंत्रालय (Ministry of Finance) जल्द ही SCI (Shipping Corporation of India) की रणनीतिक बिक्री के लिए वित्तीय बोलियां (Financial Bids) मंगा सकता है। कंपनी से अलग हो चुकी एंटिटी, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लैंड एंड एसेट्स लिमिटेड (SCILAL) की लिस्टिंग का इंतजार किए बिना ही आगे बढ़ने पर विचार किया जा रहा है।
इस खबर से BSE पर 5 अक्टूबर को सुबह कंपनी का शेयर (Shipping Corporation of India stock price) बढ़त के साथ 141.95 रुपये पर खुला। दोपहर होते-होते यह पिछले बंद भाव 140.20 रुपये से 11 प्रतिशत की तेजी दर्शाता हुआ 155.65 रुपये पर पहुंच गया। NSE पर शेयर 141.05 रुपये पर खुला। फिर पिछले बंद भाव 140.30 रुपये से करीब 11 प्रतिशत की तेजी दर्शाता हुआ 155.70 रुपये पर पहुंच गया। कारोबार खत्म होने पर शेयर 7 प्रतिशत चढ़कर 150 रुपये के स्तर पर बंद हुआ।
कितनी हिस्सेदारी बेच रही सरकार
केंद्र सरकार SCI में अपनी 63.75 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। इस बिक्री से 3,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। सरकार को आशा है कि SCI में उसकी हिस्सेदारी के लिए 3-5 कंपनियां बोली लगाएंगी। योजना इस वित्त वर्ष में SCI की रणनीतिक बिक्री को पूरा करने की है।
देश में सबसे बड़ी भारतीय शिपिंग कंपनी
SCI के पास 70 जहाजों का फ्लीट है और यह भारत में सबसे बड़ी भारतीय शिपिंग कंपनी है। यह माल का ओवरसीज और कोस्टल ट्रांसपोर्टेशन देखती है। रणनीतिक बिक्री की प्रक्रिया के हिस्से के रूप में, सरकार ने SCI के रियल एस्टेट एसेट्स- 19 मंजिला शिपिंग हाउस और मैरीटाइम ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, और कुछ अन्य नॉन-कोर एसेट्स को SCILAL को सौंप दिया। SCI की बैलेंस शीट के अनुसार, डिमर्जर के लिए महत्वपूर्ण नॉन-कोर एसेट्स की वैल्यू 31 मार्च 2022 तक 2,392 करोड़ रुपये थी।