जून तिमाही के नतीजों का सीजन अब खत्म होने जा रहा है। बीएसई 500 कंपनियों (ओएमसी को छोड़कर) की टैक्स के बाद मुनाफे की ग्रोथ लगातार पांचवीं तिमाही 10 फीसदी से कम रही है। हेल्पफुल बेस के बाद भी आंकड़ों में ज्यादा बदलाव नहीं दिखा है। चिंता की बात यह है कि ज्यादातर कंपनियों के मार्जिन की गुंजाइश घट रही है। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज के एनालिस्ट्स का कहना है कि बढ़ने की जगह मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। कंपनियां पहले से ही अपनी उच्चतम क्षमता पर काम कर रही हैं। ऐसे में प्रॉफिट में अच्छी ग्रोथ तभी आएगी जब रेवेन्यू ग्रोथ अच्छी रहेगी।
