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सिगाची फैक्ट्री ब्लास्ट में 40 की मौत: न फायर NOC, न ही अलार्म सिस्टम ने चेताया, जांच में सामने आईं 10 बड़ी लापरवाहियां

Sigachi factory blast: सिगाची इंडस्ट्रीज के तेलंगाना प्लांट में हुए भीषण विस्फोट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। इस हादसे में 40 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है, जबकि 33 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा राज्य के हालिया इतिहास के सबसे खतरनाक औद्योगिक हादसों में गिना जा रहा है। जांच में अब यह साफ होता जा रहा है कि इस हादसे से पहले कई चेतावानियों, तकनीकी दिक्कतों और नियामकीय खामियों को नजरअंदाज किया गया

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Jul 02, 2025 पर 3:46 PM
सिगाची फैक्ट्री ब्लास्ट में 40 की मौत: न फायर NOC, न ही अलार्म सिस्टम ने चेताया, जांच में सामने आईं 10 बड़ी लापरवाहियां
सिगाची फैक्ट्री ब्लास्ट में 40 की मौत: न फायर NOC, न ही अलार्म सिस्टम ने चेताया, जांच में सामने आईं 10 बड़ी लापरवाहियां

Sigachi factory blast: सिगाची इंडस्ट्रीज के तेलंगाना प्लांट में हुए भीषण विस्फोट की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आ रही है। इस हादसे में 40 कर्मचारियों की मौत हो चुकी है, जबकि 33 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा राज्य के हालिया इतिहास के सबसे खतरनाक औद्योगिक हादसों में गिना जा रहा है। जांच में अब यह साफ होता जा रहा है कि इस हादसे से पहले कई चेतावानियों, तकनीकी दिक्कतों और नियामकीय खामियों को नजरअंदाज किया गया। एक्सपर्ट्स और अथॉरिटीज अब कई गंभीर गलतियों की ओर इशारा कर रहे हैं, जिसके चलते यह हादसा हुआ।

1. खराब तापमान सेंसर और फेल अलार्म सिस्टम

सबसे बड़ी खामी कंपनी के टेंपरेचर मॉनिटरिंग और अलार्म सिस्टम में सामने आ रही है। TOI की रिपोर्ट के अनुसार, हैदराबाद डिजास्टर मैनेजमेंट और एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA) के कमिश्नर एवी रंगनाथ ने बताया कि फैक्ट्री में लगे तापमान मॉनिटरिंग सिस्टम ने समय से चेतावनी नहीं दी। जब तापमान बढ़ा और माइक्रोक्रिस्टलाइन सेल्यूलोज (MCC) का थर्मल डीकंपोजिशन शुरू हुआ, तब भी अलार्म सिस्टम एक्टिवेट नहीं हुआ। जांचकर्ताओं को तापमान सेंसर में खराबी होने का संदेह है।

2. ज्वलनशील पदार्थ का जरूरत से ज्यादा गर्म होना

फॉरेंसिक जांच में पाया गया कि हादसे की सीधी वजह MCC का अधिक तापमान पर जलना (थर्मल डीकंपोजिशन) थी। MCC एक ऐसा रसायन है जो 399 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान पहुंचने पर स्वतः ही जल सकता है। जब यह पदार्थ ओवरहीट हुआ, तो डस्ट एक्सप्लोजन हुआ। यह विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इससे फैक्ट्री का एक बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो गया और कई कर्मचारी फंस गए। TOI के मुताबिक, तेलंगाना फॉरेंसिक साइंस लैब ने पुष्टि की है कि MCC का अधिक तापमान ही विस्फोट की प्रमुख वजह रहा।

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