SIP March Inflow: मार्च में सिस्टमैटिक इनवेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) से निवेश में इजाफा हुआ। हालांकि, बाजार में आई गिरावट का असर निवेश पर पड़ा। मार्च में सिप के जरिए 32,087 करोड़ रुपये का निवेश आया, जो फरवरी के 29,845 करोड़ रुपये के निवेश से करीब 7.5 फीसदी ज्यादा है। इससे पता चलता है कि शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद रिटेल इनवेस्टर्स ने निवेश जारी रखा।
फरवरी में सिप से निवेश में थोड़ी कमी आई थी
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) ने म्यूचुअल फंड्स में मार्च में निवेश के डेटा जारी किए हैं। फरवरी के मुकाबले मार्च में सिप के जरिए निवेश की ग्रोथ अच्छी रही। फरवरी में सिप से निवेश में थोड़ी कमी आई थी। इसमें फरवरी महीने में दिन की कम संख्या का हाथ था। फरवरी महीने का आखिरी दिन शनिवार था, जिस दिन बैंकों में छुट्टी थी। एंफी का अनुमान है कि इससे निवेश करीब 1,000 करोड़ रुपये कम रहा।
शेयर बाजार में गिरावट के बावजूद सिप से बढ़ा निवेश
मार्च में सिप से निवेश तब बढ़ा, जब मध्यपूर्व में लड़ाई के चलते शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। अमेरिका-इजरायल और ईरान की लड़ाई 28 फरवरी को शुरू हुई थी। इसके बाद शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई थी। मार्च में सेसेंक्स 11.5 फीसदी गिरा था, जबकि निफ्टी में 11.3 फीसदी गिरावट आई थी। बीएसई मिडकैप 150 सूचकांक 10.8 फीसदी और बीएसई स्मॉलकैपस 250 सूचकांक 10.33 फीसदी गिरा था।
मार्च में सिप अकाउंट की संख्या में भी इजाफा
मार्च में सिप अकाउंट की संख्या में भी इजाफा हुआ। यह फरवरी के 9.44 करोड़ से बढ़कर मार्च में 9.72 करोड़ हो गया। मार्च में करीब 52.98 लाख नए सिप रजिस्टर हुए, जबकि करीब 53,38 लाख सिप रोक दिए गए या मैच्योर हो गए। इस आधार पर सिप स्टॉपेज रेशियो करीब 101 फीसदी रहा। रोक दिए गए सिप की संख्या को नए रजिस्टर्ड सिप की संख्या से डिवाइड करने पर सिप स्टॉपेज रेशियो का पता चलता है। इसका मतलब है कि सिप के क्लोजर या मैच्योरिटी की भरपाई नए सिप की संख्या से हो गई। इस रेशियो के 100 फीसदी से ज्यादा होने का मतलब है कि महीने में बंद हुए सिप की संख्या शुरू किए गए सिप की संख्या से ज्यादा है।
कंट्रिब्यूटिंग सिप की संख्या ट्रेंड बताता है
एंफी के वेंकट चालसानी ने कहा, "मार्केट में काफी ज्यादा उतार-चढ़ाव रहा। इस वजह से कुछ निवेशकों ने खास महीने में सिप रोका होगा। हालांकि, इसके बावजूद कंट्रिब्यूटिंग सिप अकाउंट की संख्या बढ़ी है। यह ट्रैक करने के लिए एक महत्वपूर्ण ट्रेंड है।" उन्होंने कहा कि ग्रॉस रजिस्ट्रेशन और क्लोजर की संख्या में महीने के आधार पर बदलाव दिखता है। लेकिन एक्टिव कंट्रिब्यूटिंग सिप की संख्या से इनवेस्टर के विहेबियर का संकेत मिलता है।
मार्च में सिप एयूएम में आई गिरावट
मार्च में निवेश बढ़ने के बावजूद सिप के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में गिरावट आई। इसकी वजह बाजार में उतार-चढ़ाव हो सकता है। SIP का एयूएम फरवरी के 16.64 लाख करोड़ रुपये से घटकर मार्च में 15.11 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के कुल एयूएम में सिप एयूएम की हिस्सेदारी करीब 20.5 फीसदी है।