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तिमाही नतीजों के बाद 17% गिरा शेयर, घाटे में आई कंपनी, ब्रोकरेज हाउसों ने 42% तक घटा दिया टारगेट

Spandana Sphoorty Shares: स्पंदना स्फूर्ति के शेयरों में मंगलवार 29 अक्टूबर को 17 फीसदी की भारी गिरावट आई। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह कंपनी के सितंबर तिमाही के कमजोर नतीजे बताए जा रहे हैं। माइक्रोफाइनेंस कंपनी ने बताया कि सितंबर तिमाही में उसे 204 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि इसके पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी 116 करोड़ रुपये के मुनाफे में रही थी

Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 29, 2024 पर 12:37 PM
तिमाही नतीजों के बाद 17% गिरा शेयर, घाटे में आई कंपनी, ब्रोकरेज हाउसों ने 42% तक घटा दिया टारगेट
Spandana Sphoorty Shares: इस साल अब तक कंपनी के शेयर लगभग 65 प्रतिशत नीचे आ चुके हैं

Spandana Sphoorty Shares: स्पंदना स्फूर्ति के शेयरों में मंगलवार 29 अक्टूबर को 17 फीसदी की भारी गिरावट आई। इस गिरावट के पीछे मुख्य वजह कंपनी के सितंबर तिमाही के कमजोर नतीजे बताए जा रहे हैं। माइक्रोफाइनेंस कंपनी ने बताया कि सितंबर तिमाही में उसे 204 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ, जबकि इसके पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी 116 करोड़ रुपये के मुनाफे में रही थी। खराब नतीजों के बाद ब्रोकरेज फर्मों ने भी इसके शेयर का टारगेट घटा दिया है।

नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज नेट (Nuvama Institutional Equities) ने कंपनी के शेयरों का टारगेट प्राइस 900 रुपये से 42 फीसदी घटाकर 520 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज ने इसके पीछे सितंबर तिमाही में दिखे तनाव को मुख्य कारण बताया। नुवामा का मानना है कि MFI सेक्टर में तनाव अगले कुछ तिमाहियों तक जारी रह सकता है और इसमें कुछ राहत चौथी तिमाही या उसके बाद ही देखने को मिल सकती है। ब्रोकरेज ने लगातार दो तिमाही में स्पंदना स्फूर्ति के कमजोर प्रदर्शन को देखते हुए इसकी रेटिंग को 'Buy' से घटाकर 'Sell' कर दिया है।

JM Financial ने भी शेयर की रेटिंग को घटाकर 'होल्ड' कर दिया है और इसका टारगेट प्राइस घटाकर 500 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज नका मानना है कि कंपनी ने क्रेडिट लागत को काबू में करने के लिए जो अतिरिक्त कदम उठाए हैं, वे मध्यम अवधि में फायदेमंद हो सकते हैं। लेकिन फिलहाल पोर्टफोलियो की क्वालिटी को लेकर उसने सतर्क रुख अपनाया हुआ है।

सितंबर तिमाही में स्पंदना का ग्रॉस एनपीए 4.86 प्रतिशत रहा, जो जून तिमाही में 2.6 प्रतिशत था। इसी तरह, शुद्ध एनपीए भी 0.99 प्रतिशत हो गया, जो पिछली तिमाही में 0.52 प्रतिशत था। तिमाही के दौरान प्राविजंस में 468 प्रतिशत की सालाना बढ़ोतरी हुई, जो 491.8 करोड़ रुपये रही। हालांकि ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने अभी भी 'Buy' की सिफारिश बरकरार रखी है, लेकिन इसके टारगेट को 580 रुपये से घटाकर 540 रुपये कर दिया है।

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