शेयर बाजार में इन 4 कारणों से भारी गिरावट, ₹9 लाख करोड़ डूबे, Sensex ने लगाया 930 अंकों का गोता

Share Market Crash: शेयर बाजार में मंगलवार 22 अक्टूबर को भारी गिरावट आई। सेंसेक्स ने जहां 930 अंकों का गोता लगाया। वहीं निफ्टी भी गिरकर 24,500 के नीचे आ गया। इसके चलते बीएसई के निवशकों की संपत्ति एक झटके में करीब 8.86 लाख करोड़ रुपये कम हो गई। आज की गिरावट चौतरफा थी। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी क्रमश: 1.37 फीसदी और 2.52 फीसदी टूटकर बंद हुए

अपडेटेड Oct 22, 2024 पर 5:14 PM
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BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप आज घटकर 444.79 लाख करोड़ रुपये हो गया

Share Market Crash: शेयर बाजार में मंगलवार 22 अक्टूबर को भारी गिरावट आई। सेंसेक्स ने जहां 930 अंकों का गोता लगाया। वहीं निफ्टी भी गिरकर 24,500 के नीचे आ गया। इसके चलते बीएसई के निवशकों की संपत्ति एक झटके में करीब 8.86 लाख करोड़ रुपये कम हो गई। आज की गिरावट चौतरफा थी। बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी क्रमश: 1.37 फीसदी और 2.52 फीसदी टूटकर बंद हुए। यहां तक कि सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए। सबसे अधिक बिकवाली सरकारी बैंकों, रियल्टी और इंडस्ट्रियल शेयरों में देखने को मिली।

कारोबार के अंत में, बीएसई सेंसेक्स 930.55 अंक या 1.15 फीसदी की गिरावट के साथ 80,220.72 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का 50 शेयरों वाला इंडेक्स, निफ्टी 309.00 अंक या 1.25 फीसदी टूटकर 24,472.10 के स्तर पर बंद हुआ।

शेयर बाजार में इस भारी गिरावट के पीछे 4 प्रमुख कारण रहे-


1. कमजोर नतीजे

शेयर बाजार की चाल को सबसे अधिक प्रभावित करने वाला कारण कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजे हैं। अभी तक जितनी कंपनियों के सितंबर तिमाही के नतीजे आए हैं, उनमें से अधिकतर ने बाजार को निराश किया है। इसके चलते शेयरों की भारी डाउनग्रेडिंग देखने को मिली है, जिसने बिकवाली को और तेज कर दिया है। वहीं दूसरी ओर सिटी यूनियन बैंक सहित जिन कंपनियों के नतीजे अच्छे, उनमें अच्छी तेजी देखने को मिली है।

2. FIIs की ओर से ऐतिहासिक बिकवाली

विदेशी निवेशक लगातार भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। इस महीने वो अबतक 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली कर चुके हैं। यह शेयर बाजार के इतिहास में उनकी ओर से किसी एक महीने में की गई अबतक की सबसे अधिक बिकवाली है। अभी इस महीने में एक हफ्ता बाकी है और फिलहाल बिकवाली रुकने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।

3. वैल्यूएशन को लेकर चिंता

वैल्यूएशन को लेकर चिंता बाजार में काफी समय से थी। हालांकि मार्केट जब तक चल रहा था, तब तक फंड मैनेजर्स 100-100 के पीई पर शेयर Buy कर रहे थे। हालांकि अब उन्होंने पैसों को होल्ड करना शुरू कर दिया है। लार्जकैप की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों को अधिक महंगा बताया जा रहा है।

4. रिटेल और HNI निवेशकों में घबराहट

रिटेल और HNI निवेशकों में आखिरकार बाजार में गिरावट को लेकर घबराहट दिखनी शुरू हो गई है। अभी तक बाजार में जब भी गिरावट आती थी, तो कुछ ही दिनों में यह बाउंस बैक कर जाता था। लोकसभा चुनाव के समय भी ऐसा ही देखने को मिला था। हालांकि अभी सितंबर महीने के आखिरी में गिरावट शुरू हुई और आज 22 अक्टूबर तक गिरावट जारी है। पिछले कुछ समय में बाजार में इतनी लंबी गिरावट देखने को नहीं मिली थी। इसके चलते रिटेल और HNI निवेशकों का सेंटीमेंट थोड़ा कमजोर पड़ता दिख रहा है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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