Stock market:कमजोर ग्लोबल संकेतों के बीच भारतीय इक्विटी मार्केट आज गिरावट के साथ खुले थे। कारोबारी दिन के आगे बढ़ने के साथ ही बाजार की गिरावट भी बढ़ती गई। इंट्राडे में सेंसेक्स 800 अंक तक टूट गया। फिलहाल 2 बजे के आसपास सेंसेक्स 653.15 अंक यानी 1.07 फीसदी की गिरावट के साथ 60325.60 के स्तर पर दिख रहा था। वहीं, निफ्टी 195.35 अंक यानी 1.08 फीसदी की गिरावट के साथ 17922.95 के आसपास दिख रहा था। करीब 752 में बढ़त देखने को मिल रही थी। वहीं,2350 शेयरों में गिरावट देखने को मिल रही थी। जबकि 111शेयरों की चाल सपाट दिख रही थी।
आज के कारोबार में सभी सेक्टरों के इंडेक्स लाल निशान में दिख रहे हैं। इनमें भी फाइनेंशियल शेयरों को सबसे ज्यादा मार पड़ी है। निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 3.7 फीसदी से ज्यादा टूट गया है। वहीं, बैंक निफ्टी 2.3 फीसदी से ज्यादा टूटा है। Adani Ports, SBI, IndusInd Bank, HDFC Bank और Adani Enterprises निफ्टी के टॉप लूजर रहे हैं।
बाजार पर कहां से आ रहा है दबाव
FII की तरफ से हो रही लगातार बिक्री, बजट 2023 और ग्रोथ से जुड़ी चिंता बाजार पर दबाव बना रहे हैं। शार्ट टर्म में Union Budget 2023 बाजार के लिए एक बड़ा इवेंट होगा। ट्रेडर्स इसके लिए अपनी पोजीशन दुरुस्त करते दिख रहे हैं। अल्केमी कैपिटल के शेषाद्री सेन का कहना है कि मौजूदा सिस्टम की जटिलता को देखते हुए कैपिटलगेन टैक्स (सीजीटी) में कुछ सरलीकरण की जरूरत है। हालांकि, अगर इक्विटी सीजीएसटी की प्रभावी दर में कोई बढ़त होती है तो इसका बाजार निगेटिव असर देखने को मिलेगा। विदेशी ब्रोकरेज मॉर्गन स्टेनली को उम्मीद है कि वित्तीय घाटा वित्त वर्ष 2023 के 6.4 फीसदी के मुकाबले वित्त वर्ष 24 में सकल घरेलू उत्पाद का 5.9 फीसदी होगा।
2022 की तरह ही नए साल में भी विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं। इस साल अभी तक एफआईआई करीब 1.6 अरब डॉलर के शेयरों की बिक्री कर चुके हैं। FIIs की तरफ से सबसे ज्यादा बिकवाली फाइनेंशियल और आईटी शेयरों में हुई है। इसके बाद कंज्यूमर सर्विसेज, तेल-गैस, टेलीकॉम और ऑटो शेयरों में भी FIIs की बिकवाली देखने को मिली है। एफआईआई की बिकवाली से बाजार पर दबाव देखने को मिल रहा है।
2023-24 में ग्रोथ की रफ्तार सुस्त पड़ने की संभावना
Moody's के इंवेस्टर सर्विसेज की सीनियर वाइस प्रेसीडेंट क्रिश्चियन डी गुज़मैन (Christian de Guzman) का कहना है कि 2023-24 भारत की जीडीपी गिर कर 5.6 पर आ सकती है। इसके बावजूद भारत G-20 की बड़ा इकोनॉमीज में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाली इकोनॉमी रहेगा। 5.6 फीसदी ग्रोथ का ये अनुमान सरकार के 7 फीसदी और आरबीआई के 6.5 फीसदी के अनुमान से काफी कम है।
F&O एक्पायरी ने बनाया दबाव
आमतौर पर बाजार में डेरिवेटिव्स की एक्सपायरी के दिन भारी उतार-चढ़ाव होता है। स्वास्तिका इनवेस्टमार्ट के संतोष मीणा का कहना है कि बाजार पिछले साल के पैटर्न को ही फॉलो कर रहा है। 2022 में निफ्टी जनवरी महीने के दूसरे और तीसरे हफ्ते में डोजी कैंडल बनाता दिखा था। ये एक रेंज बाउंड मूव का संकेत होता है। इसके बाद जनवरी के अखिरी हफ्ते में बाजार में बड़ी गिरावट आई थी।
टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी 17,800 के अहम सपोर्ट के करीब हैं। अगर निफ्टी इस सपोर्ट को तोड़ देता है तो फिर ये गिरावट 7625 और 17425 की तरफ जा सकती है। ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 18200 पर बाधा दिख रही है। अगर निफ्टी इस बाधा को पार कर लेता है तो फिर ये तेजी 18500 और 18650 की तरफ जा सकती है।
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