Stock Market news : भारत में रिस्क हाई, Goldman Sachs के बाद अब BofA ने भी घटाया निफ्टी का टारगेट

Stock Market news: बैंक ऑफ अमेरिका का कहना है कि भारतीय बाजार EMs को अंडरपरफॉर्म कर सकते हैं। अगर जंग लंबी खिंची तो डिमांड और निवेश में सुस्ती देखने को मिल सकती है। खराब दौर में GDP ग्रोथ 7.4 फीसदी से घटकर 6.5 फीसदी पर आ सकती है

अपडेटेड Apr 06, 2026 पर 12:14 PM
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Market outlook : BofA को क्वालिटी और डिफेंसिव स्पेस पसंद है। उसका कहना है कि जंग से जिन स्पेस को फायदा हो सकता है। उन पर फोकस करना बेहतर रणनीति होगी

Stock Market news: कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच सोमवार,6 अप्रैल को भारतीय शेयर बाज़ार सपाट खुले। कारोबारी सत्र के आगे बढ़ने के साथ ही बाजार में गिरावट बढ़ती गई। निवेशकों का पूरा फोकस मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेज़ी पर बना हुआ है। फिलहाल निफ्टी करीब 100 अंक टूटकर 22700 के नीचे कारोबार कर रहा है। बैंक निफ्टी भी ऊपर से फिसला है। वहीं, सेंसेक्स 383.80 अंक यानी 0.52 फीसदी की कमजोरी के साथ 72,980 के आसपास कारोबार कर रहा है।

भारतीय इक्विटी पर BofA

इस बीच गोल्डमैन सैच्स (GOLDMAN SACHS) के बाद अब बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) ने भी निफ्टी का लक्ष्य घटा दिया है। मौजूदा माहौल में उसका मानना है कि अर्निंग्स घटने का रिस्क बढ़ गया है। ऐसे में BofA ने दिसंबर तक के लिए निफ्टी का लक्ष्य 29,000 से घटाकर 26,200 कर दिया है। उसका कहना है कि ग्रोथ में सुस्ती और तेज महंगाई से कंपनियों अर्निंग्स से जुड़ा रिस्क बढ़ गया है। BofA ने वित्त वर्ष 2027 के लिए निफ्टी अर्निंग्स का अनुमान घटाकर 8.5 फीसदी कर दिया है। यह उम्मीद से काफी कम है। उसका यह भी कहना है कि बाजार वैल्युएशन तर्कसंगत है,छोटी अवधि में इसमें तेजी की उम्मीद है। हालांकि उसका ये भी कहना है कि इतने करेक्शन के बावजूद बाजार अभी सही वैल्यू जोन में नही हैं।


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BofA की इन सेक्टर्स पर है नजर

BofA को क्वालिटी और डिफेंसिव स्पेस पसंद है। उसका कहना है कि जंग से जिन स्पेस को फायदा हो सकता है। उन पर फोकस करना बेहतर रणनीति होगी। भारतीय बाजार EMs को अंडरपरफॉर्म कर सकते हैं। अगर जंग लंबी खिंची तो डिमांड और निवेश में सुस्ती देखने को मिल सकती है। खराब दौर में GDP ग्रोथ 7.4 फीसदी से घटकर 6.5 फीसदी पर आ सकती है। वित्त वर्ष 2027 में निफ्टी में जीरो अर्निंग ग्रोथ संभव है। मार्जिन और वॉल्यूम दोनों पर दबाव दिख सकता है।

बर्नस्टीन ने भी घटाया निफ्टी का टारगेट

इस बीच बर्नस्टीन का भी कहना है कि भले ही कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ जाएं, फिर भी उसके पूरे साल ऊंचे स्तर पर बने रहने की संभावना है। इससे भारत के मैक्रोइकोनॉमिक आउटलुक के लिए जोखिम पैदा हो सकता है। इन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए,ब्रोकरेज ने साल 2026 के आखिर के लिए अपने निफ्टी टारगेट को घटाकर 26000 कर दिया है।

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