Stock market : बाजार के दिग्गज जानकारों की तरफ से जताई गई चिंताओं के बावजूद, मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों की तेजी धीमी पड़ती नहीं दिख रही है। इस तेजी में 5 सितंबर को निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स पहली बार 40000 के पार पहुंच गया है और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स एक नया रिकॉर्ड हाई लगाता दिखा है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 15 में से 13 सत्रों में बढ़त देखने को मिली है। जबकि निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 15 में से 12 सत्रों में हरे रंग बंद हुआ है। इस अवधि के दौरान इन दोनों इंडेक्स में 6 फीसदी और 8.4 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। वहीं, इस साल अब तक ये इंडेक्स 27 फीसदी और 30 फीसदी भागे हैं।
बाजार में इस समय अच्छे निवेश अवसरों की कमी
ऐसा लग रहा है कि स्मॉल और मिड-कैप सेक्टर के शेयर कई ब्रोकरेज फर्मों की तरफ से हाई वैल्यूएशन को लेकर जताए गए डर को चुनौती दे रहे हैं। निर्मल बंग इक्विटीज के सीईओ राहुल अरोड़ा का कहना है कि बाजार में इस समय अच्छे निवेश अवसरों की कमी दिख रही है। कई अच्छे स्टॉक अब तक हुई जोरदार खरीदारी के चलते काफी महंगे हो गए हैं। नतीजतन, निवेशक उन शेयरों पर दांव लगा रहे हैं जिन पर वे आमतौर पर विचार नहीं करते थे। इस वजह पहले नजरअंदाज किए गए शेयर अचानक महंगे हो गए हैं।
स्मॉलऔर मिड-कैप सेक्टर में सावधानी के साथ दांव लगाने की सलाह
कोटक महिंद्रा एएमसी के एमडी नीलेश शाह ने बिजनेस लाइन अखबार को दिए गए एक साक्षात्कार में कहा है कि निवेशकों को स्मॉल-कैप और मिड-कैप सेक्टर में सावधानी के साथ दांव लगाना चाहिए। इस सेगमेंट में तमाम शेयर बिना मजबूत आधार को काफी महंगे हो गए हैं। जबकि लार्ज-कैप स्टॉक अपने हिस्टोरिकल वैल्यू के करीब कारोबार कर रहे हैं। जैसे-जैसे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी और कंपनियों का अर्निंग अपग्रेड होगा इनका वैल्यूएशन अच्छा हो जाएगा।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने हाल ही में कहा था कि बाजार में व्यापक आधार वाली रैली देखने को मिल रही है। लेकिन कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज रैली के पीछे के कारणों और सभी सेक्टर्स में अलग-अलग तरह के प्रदर्शन के बारे में साफ तौर पर कुछ कहने में असमर्थ रहा।
खपत वाले छोटे शेयरों और आईट कंपनियों में आई तेजी समझ से परे
कोटक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि मिड-कैप और स्मॉल-कैप स्पेस में कुछ सेक्टर फिर से रेटिंग के लायक हैं, इनमें छोटे प्राइवेट बैंक, हेल्थ केयर सेवाओं (अस्पतालों) और रियल एस्टेट शामिल हैं। इनमें और तेजी आने की संभावना है। लेकिन खपत वाले छोटे शेयरों और आईट कंपनियों में आई तेजी कोटक के समझ से परे है। कोटक की रिपोर्ट में कहा गया है "खपत से जुड़ी कंपनियों की कमजोर घरेलू मांग और आईटी सेवाओं की घटती ग्लोबल डिमांड को देखते हुए इन शेयरों में आई तेजी हैरान करने वाली है।"
कुछ विश्लेषकों को ये रैली जारी रहने की दिख रही उम्मीद
हालांकि, कुछ विश्लेषकों का मानना है कि ये रैली जारी रहने की संभावना है। विश्लेषकों ने कहा कि निवेशक अपना ध्यान फंडामेंटली मजबूत शेयरों पर केंद्रित कर रहे हैं। इन शेयरों के हाल में दबाव का सामना करना पड़ा था। लेकिन बदलती कारोबारी स्थितियों, बेहतर आउटलुक, बढ़ी हुई मांग, बेहतर वित्तीय स्थिति, आकर्षक वैल्यूएशन और मजबूत घरेलू आर्थिक स्थितियों के चलते अब इन शेयरों में तेजी आ रही है।
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